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AJWA PROJECTS LIMITED
SMEलाइव

AJWA PROJECTS LIMITED

कंपनी क्या करती है: कंपनी इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्राहकों के लिए फैब्रिकेशन, इंस्टॉलेशन, कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस का काम करती है। इसे प्रोजेक्ट कॉन्ट्रैक्ट और संबंधित सेवाओं से रेवेन्यू मिलता है, जिसमें चालू सुविधाओं के लिए सहायता भी शामिल है।

लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित

हमारा स्कोर
5.8/10मिला-जुला

FY2025 में ₹36.73 करोड़ का रेवेन्यू रहा, जबकि निकाले गए प्रॉफिट के आंकड़े के अनुसार नेट प्रॉफिट ₹4.75 करोड़ था। इस अवधि में रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़े हैं, जबकि ऑपरेटिंग कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव रहा और ग्राहकों से बिक्री कुछ ग्राहकों पर केंद्रित है। 30 जून 2025 तक उधारी ₹7.97 करोड़ थी; IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल उधारी चुकाने या उसका प्रीपेमेंट करने के लिए किया जाएगा।

GMP (अनौपचारिक)
+18.72%
₹38 प्रति शेयर
सब्सक्राइब्ड
0.07x
अब तक कुल
रिटेल चांस
100%
1 में 1

GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 28 Oct, 12:05 IST.

प्राइस बैंड
₹203
लॉट साइज़
1200 शेयर
न्यूनतम निवेश
₹2,43,600
इश्यू साइज़
Approx 38.05 Crores
इश्यू टाइमलाइन
  1. ओपन28 Oct 2026
  2. क्लोज़30 Oct 2026
  3. अलॉटमेंट2 Nov 2026
  4. लिस्टिंग4 Nov 2026

ओवरव्यू

आपके चांस

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कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन
0.07x अब तक कुल
QIB
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NII
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रिटेल
0.13x
GMP से अनुमानित लिस्टिंग (अनौपचारिक)

₹241 (+18.72%)

GMP ट्रेंड

अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में

पैसा कहां जाता है

कंपनी को
₹29 Cr
नया इश्यू
बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
₹8 Cr
ऑफर फॉर सेल
  • प्लांट, मशीनरी और ट्रांसपोर्ट एसेट्स पर पूंजीगत खर्च₹8.1 Cr21%
  • कंपनी द्वारा लिए गए कुछ उधारों का भुगतान या समय से पहले भुगतान₹9.35 Cr24%
  • वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतें₹4 Cr10%
  • सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य₹4.43 Cr12%
  • इश्यू से जुड़े खर्च₹4.57 Cr12%
  • ऑफर फॉर सेल: बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है₹8 Cr21%

बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा

स्कोर कैसे जुड़ता है

कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।

  • फाइनेंशियल6.0
  • परफॉर्मेंस7.0
  • फ्लेक्सिबिलिटी7.0
  • टाइमिंग5.0
  • रिस्क4.0
अनुमानित फायदा (सिर्फ फंडामेंटल्स)
+8%

FY2023–FY2025 के दौरान रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा और ₹19.82 करोड़ की ऑर्डर बुक निकट अवधि में कामकाज को समर्थन देती है। इश्यू से जुटाई गई रकम से कर्ज चुकाने पर फाइनेंसिंग का दबाव कम हो सकता है। FY2025 में ग्रोथ धीमी हुई, जबकि भौगोलिक और ग्राहक एकाग्रता, वर्किंग कैपिटल की जरूरत और कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव से बुनियादी संभावनाएं सीमित होती हैं। ज्यादा वैल्यूएशन के अनुमान को समर्थन देने वाले आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।

मज़बूती5

  • चेनाब रेल ब्रिज, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, रिफाइनरी, पावर, स्टील और न्यूक्लियर से जुड़े काम समेत फैब्रिकेशन, इरेक्शन और इंस्टॉलेशन के प्रोजेक्ट पूरे किए।
  • 30 जून 2025 तक 10 पूरे हुए प्रोजेक्ट और 13 चालू साइटें बताई गईं।
  • 30 सितंबर 2025 तक 26 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था और प्रमाणित बैलेंस वर्क ऑर्डर की वैल्यू ₹19.82 करोड़ थी।
  • ISO 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट और ISO 45001:2018 ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी सर्टिफिकेशन बनाए रखा।
  • FY2023 में डेट-इक्विटी रेशियो 1.30 से घटकर FY2025 में 0.65 हो गया, जबकि करंट रेशियो 1.12 से बढ़कर 1.75 हो गया।

चिंताएं5

  • भौगोलिक एकाग्रता: जून 2025 में समाप्त तिमाही और FY2024-25 में गुजरात से करीब 79% रेवेन्यू आया। सूरत के आसपास कंपनी की गतिविधियां काफी केंद्रित हैं।
  • कंप्लायंस और टैक्स जोखिम: कंपनी का वैधानिक फाइलिंग में देरी या गलत जानकारी देने और वैधानिक भुगतान देर से करने का पुराना रिकॉर्ड है। जून 2025 तक सीधे या अप्रत्यक्ष टैक्स के दावे ₹62.07 लाख थे, जबकि मार्च 2025 में ये ₹7.02 लाख थे।
  • लिक्विडिटी और काउंटरपार्टी जोखिम: प्रोजेक्ट से मिलने वाली रकम, 59-to-120-दिन का वर्किंग कैपिटल चक्र, कुछ अवधियों में निगेटिव कैश फ्लो और ग्राहकों के भुगतान में देरी से फंडिंग पर दबाव पड़ सकता है।
  • प्रोजेक्ट पूरा करने और ग्रोथ के जोखिम: प्रतिस्पर्धी बोली, ऑर्डर में देरी या रद्द होना, मजदूरों की उपलब्धता, लागत बढ़ना और कई जगहों पर एक साथ काम करने से समयसीमा और मार्जिन प्रभावित हो सकते हैं।
  • कर्ज और फंडिंग जोखिम: ₹797.18 लाख के बकाया कर्ज में बदलती ब्याज दर वाली सुविधाएं, सीमित करने वाली शर्तें और प्रमोटर या डायरेक्टर की गारंटी शामिल हैं।

शेयर किसे मिलते हैं

कोटा का बंटवारा
  • QIB50%
  • NII15%
  • रिटेल35%
आवेदन का साइज़
  • रिटेल न्यूनतम2,43,600
    2 लॉट, 1200 शेयर
  • रिटेल अधिकतम2,43,600
    2 लॉट, 1200 शेयर
  • HNI न्यूनतम3,65,400
    3 लॉट, 1800 शेयर

टाइमिंग

5.0/10

यह लगभग ₹38.05 करोड़ का फिक्स्ड-प्राइस SME ऑफर है, जिसका आकार मॉनिटरिंग एजेंसी की जरूरत तय करने वाली सीमा से कम है। फुल अंडरराइटिंग और योजनाबद्ध मार्केट मेकिंग से इश्यू की प्रक्रिया और ट्रेडिंग को ढांचागत सपोर्ट मिलता है। हालांकि, ऑफर की जानकारी से सेक्टर में मांग, निवेशकों की व्यापक दिलचस्पी या कंपनी से जुड़ा ऐसा कोई खास कारण सामने नहीं आता, जिससे पूंजी जुटाने के लिए यह विशेष रूप से अनुकूल समय साबित हो।

बाज़ार में आने का समय
कंपनी अंडरराइटिंग और मार्केट-मेकिंग व्यवस्था के साथ पब्लिक इश्यू लेकर आई है, जिससे SME बाजार में पूंजी जुटाने की उसकी तैयारी को समर्थन मिलता है। उपलब्ध जानकारी से यह नहीं दिखता कि इश्यू का समय बाजार के किसी खास अवसर को भुनाने के लिए चुना गया है।
अलॉटमेंट कैसे होता है
अलॉटमेंट का आधार अंतिम हुआ और शेयर डीमैट में जमा किए गए
बाज़ार का माहौल
सामान्य
बाज़ार में आने का समय
5.0
कहां लिस्ट होगा
BSE SME

अहम पड़ाव

  1. 28 Oct 2026IPO खुलेगा
  2. 30 Oct 2026IPO बंद होगा
  3. 2 Nov 2026अलॉटमेंट का आधार
  4. 3 Nov 2026रिफंड शुरू होंगे
  5. 3 Nov 2026डीमैट खाते में शेयर जमा होंगे
  6. 4 Nov 2026लिस्टिंग की तारीख

फाइनेंशियल

6.0/10
अवधि समाप्त 31 Mar 2026
बदलाव बनाम 31 Mar 2025
रेवेन्यू
₹48.56 Cr
+31.7%
टैक्स के बाद मुनाफा
₹5.42 Cr
+65.2%
नेट मार्जिन
11.2%
+2.3 पॉइंट
एसेट्स
₹36.37 Cr
+42.2%
रिटर्न ऑन इक्विटी
30.99%
डेट टू इक्विटी
0.58
करंट रेशियो
1.79
रेवेन्यू CAGR
13.04%
ROCE
7.56%
रिटर्न ऑन नेट वर्थ
8.42%
NAV प्रति शेयर (₹)
48.17
प्राइस टू बुक
4.21

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड

रकम ₹ करोड़ में

FY2025 में ₹36.73 करोड़ का रेवेन्यू रहा, जबकि निकाले गए प्रॉफिट के आंकड़े के अनुसार नेट प्रॉफिट ₹4.75 करोड़ था। इस अवधि में रेवेन्यू और प्रॉफिट बढ़े हैं, जबकि ऑपरेटिंग कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव रहा और ग्राहकों से बिक्री कुछ ग्राहकों पर केंद्रित है। 30 जून 2025 तक उधारी ₹7.97 करोड़ थी; IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल उधारी चुकाने या उसका प्रीपेमेंट करने के लिए किया जाएगा।

कंपनी पर कर्ज
₹7.97 Cr

30 जून 2025 तक कुल उधारी ₹7.97 Cr थी। कंपनी ने नेट प्रोसीड्स में से ₹8.08 Cr का इस्तेमाल उधारी चुकाने या उसका प्रीपेमेंट करने के लिए करने का प्रस्ताव रखा है। बताई गई रकम का आवंटन अंतिम उपयोग पर निर्भर करेगा।

कौन बेच रहा है, और क्यों
नया इश्यू 78%
₹29 Cr
OFS 22%
₹8 Cr

नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।

प्रमोटर बेच रहे हैं

प्रमोटर Mohammad Khurshid Alam Khan और Zarinabegum Khurshid Alam Khan, दोनों अधिकतम 1,87,500 शेयर बेच रहे हैं।

कंपनी प्लांट और मशीनरी, ट्रांसपोर्ट एसेट्स, वर्किंग कैपिटल, उधारी चुकाने या प्रीपेमेंट करने और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए नया इश्यू ला रही है। दोनों प्रमोटर शेयरधारक OFS में शेयर बेच रहे हैं; उनकी बिक्री की कोई खास वजह नहीं बताई गई है।

रिस्क

4.0/10

इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।

रिस्क कहां हैं

  • फाइनेंशियल रिस्क6
  • मार्केट रिस्क4
  • ऑपरेशनल रिस्क5
  • रेगुलेटरी रिस्क5

गुजरात से रेवेन्यू की ज्यादा निर्भरता, वैधानिक फाइलिंग में बार-बार देरी, वर्किंग कैपिटल और कलेक्शन से जुड़े जोखिम, प्रोजेक्ट पूरा करने की अनिश्चितता और शेयर बाजार में सीमित लिक्विडिटी के कारण जोखिम ज्यादा हैं।

कंपनी इनसे कैसे निपटती है

कंपनी ने योग्य कंप्लायंस कर्मचारियों को नियुक्त किया है, ड्यू डेट अलर्ट और रिव्यू शुरू किए हैं, देर से फॉर्म फाइल किए हैं, लागू लेट चार्ज दिए हैं और मिलने वाली रकम की जांच और प्रोजेक्ट कंट्रोल का इस्तेमाल करती है।

फाइनेंशियल रिस्क6

  • कुछ अवधियों में निगेटिव कैश फ्लो और वर्किंग कैपिटल की जरूरत के कारण बाहरी फंडिंग की जरूरत पड़ सकती है।
  • मिलने वाली रकम कुछ ग्राहकों पर केंद्रित है और माइलस्टोन के आधार पर भुगतान में देरी से लिक्विडिटी और मुनाफे पर दबाव पड़ सकता है।
  • बकाया कर्ज, बदलती ब्याज दरें, शर्तें और प्रमोटर या डायरेक्टर की गारंटी फाइनेंसिंग जोखिम पैदा करती हैं।
  • कैपिटल खर्च के अनुमान कोटेशन पर आधारित हैं; खरीद में देरी या लागत बढ़ने से विस्तार की योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
  • Offer for Sale की रकम कंपनी को नहीं मिलेगी; Fresh Issue से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल अमल और निगरानी से जुड़े जोखिमों पर निर्भर है।
  • जून 2025 तक सीधे या अप्रत्यक्ष टैक्स के दावे ₹62.07 लाख थे; डिविडेंड भुगतान की गारंटी नहीं है।

मार्केट रिस्क4

  • गुजरात, खासकर सूरत के आसपास रेवेन्यू का ज्यादा केंद्रित होना, कंपनी को क्षेत्रीय व्यवधानों और आर्थिक या राजनीतिक बदलावों के जोखिम में डालता है।
  • प्रोजेक्ट प्रतिस्पर्धी बोली के आधार पर मिलते हैं और इनमें देरी हो सकती है, बदलाव हो सकता है या इन्हें रद्द किया जा सकता है।
  • भारतीय और वैश्विक आर्थिक हालात, ब्याज दरें, इंफ्रास्ट्रक्चर की बाधाएं और कमोडिटी की कीमतें मांग और कामकाज की स्थितियों को प्रभावित कर सकती हैं।
  • शेयरों के लिए कोई स्थापित ट्रेडिंग बाजार नहीं है; शेयर की कीमतों और लिक्विडिटी में उतार-चढ़ाव हो सकता है, जबकि सर्किट ब्रेकर या निगरानी के उपायों से ट्रेडिंग पर पाबंदी लग सकती है।

ऑपरेशनल रिस्क5

  • मजदूरों की कमी, कर्मचारियों का नौकरी छोड़ना, वेतन बढ़ना, विवाद या काम रुकने से प्रोजेक्ट में देरी और लागत बढ़ सकती है।
  • अलग-अलग प्रोजेक्ट और भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार से मैनेजमेंट, वर्कफोर्स, कंट्रोल और काम पूरा करने की क्षमता पर दबाव पड़ सकता है।
  • कर्मचारियों और कॉन्ट्रैक्टरों की बदसलूकी, लापरवाही, धोखाधड़ी, सुरक्षा में चूक या गुणवत्ता की गलतियों से नुकसान, जुर्माना या ग्राहक के दावे हो सकते हैं।
  • कंपनी प्रमोटरों, डायरेक्टरों और वरिष्ठ कर्मचारियों पर निर्भर है और किराए की जगह से काम करती है, जिसका लीज़ रिन्यू होना जरूरी है।
  • ट्रेडमार्क और लोगो का रजिस्ट्रेशन लंबित है, जिससे गलत इस्तेमाल और उसे रोकने पर भारी खर्च का जोखिम है।

रेगुलेटरी रिस्क5

  • कंपनी की फाइलिंग और वैधानिक भुगतान में पहले हुई देरी, गड़बड़ियों और छूटी जानकारी से जुर्माना या नियामकीय कार्रवाई हो सकती है।
  • जरूरी लाइसेंस और मंजूरियां समय पर रिन्यू या हासिल न हो पाएं अथवा उन्हें निलंबित किया जा सकता है।
  • कानूनों, टैक्स नियमों, श्रम संबंधी जरूरतों और विदेशी मुद्रा नियंत्रण में बदलाव से लागत बढ़ सकती है या फाइनेंसिंग पर पाबंदी लग सकती है।
  • प्रमोटरों का नियंत्रण, संबंधित-पक्ष लेनदेन और प्रमोटर समूह के मिलते-जुलते कारोबारी हित टकराव पैदा कर सकते हैं; लिस्टेड कंपनी होने के बाद कंप्लायंस की अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी होंगी।
  • ऑफर की रकम के इस्तेमाल की योजना मैनेजमेंट के अनुमानों पर आधारित है; बताए गए उद्देश्यों में बदलाव के लिए शेयरधारकों की मंजूरी जरूरी है।

परफॉर्मेंस

7.0/10

Ajwa Projects इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में प्रोजेक्ट के आधार पर फैब्रिकेशन, इरेक्शन, पाइपिंग, प्रेशर इक्विपमेंट, सिविल कंस्ट्रक्शन और मेंटेनेंस सेवाएं देती है। FY2023-FY2025 के दौरान रेवेन्यू और मुनाफा बढ़ा, जबकि FY2024 और FY2025 में मार्जिन ज्यादा रहा। काम पूरा करने में 557 कर्मचारियों की टीम, वर्कशॉप इक्विपमेंट, क्वालिटी सिस्टम और ₹19.82 करोड़ की ऑर्डर बुक मदद करते हैं। ग्राहकों और सप्लायरों पर निर्भरता, वर्किंग कैपिटल की जरूरत और ऑपरेटिंग कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव अहम जोखिम बने हुए हैं।

पुरानी ग्रोथ
रेवेन्यू FY2023 के ₹28.75 करोड़ से बढ़कर FY2024 में ₹34.27 करोड़ और FY2025 में ₹36.73 करोड़ हो गया। दो साल का CAGR करीब 13% रहा। साल-दर-साल ग्रोथ FY2024 के 19.20% से धीमी होकर FY2025 में 7.20% रही। इसी अवधि में PAT ₹0.61 करोड़ से बढ़कर ₹2.95 करोड़ और फिर ₹3.28 करोड़ हो गया। जून 2025 तिमाही में रेवेन्यू ₹12.12 करोड़ और PAT ₹1.38 करोड़ रहा; इन आंकड़ों को सालाना आधार पर नहीं देखा गया है।, FY2023 से FY2025 तक रेवेन्यू CAGR करीब 13% रहा; FY2025 में सालाना ग्रोथ धीमी हुई।
बाज़ार से तुलना
प्रतिस्पर्धी कंपनियों के वित्तीय या कारोबारी प्रदर्शन की नाम सहित कोई तुलना नहीं दी गई है। प्रॉस्पेक्टस में भारत के स्ट्रक्चरल स्टील फैब्रिकेशन बाजार के लिए पांच साल में 9% की अनुमानित सालाना ग्रोथ का जिक्र है। Ajwa की FY2025 रेवेन्यू ग्रोथ 7.20% इस बताए गए बाजार दर से कम थी, जबकि FY2024 में ग्रोथ 19.20% रही थी। कई सेक्टरों में प्रोजेक्ट करने की क्षमता और फैब्रिकेशन व इरेक्शन का एकीकृत मॉडल कंपनी की प्रतिस्पर्धी स्थिति को समर्थन देता है। वहीं, बोली में प्रतिस्पर्धा काम पूरा करने की क्षमता, गुणवत्ता, सुरक्षा, समय और कीमत पर आधारित है।
भविष्य की संभावना
आगे की संभावनाएं मौजूदा ऑर्डर बुक को रेवेन्यू में बदलने, कम पैठ वाले उत्तर-पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में विस्तार करने और इंफ्रास्ट्रक्चर व औद्योगिक निवेश से जुड़े काम हासिल करने पर निर्भर हैं। कंपनी ने यह भी कहा है कि ऑफर से मिली रकम का एक हिस्सा कर्ज चुकाने के लिए इस्तेमाल होगा। कंपनी के रेवेन्यू या कमाई का कोई खास अनुमान नहीं दिया गया है।
ऑपरेशनल निरंतरता
कंपनी की स्थापना 2011 में हुई थी और इसने कई वर्षों के दौरान पूरे किए गए प्रोजेक्टों की सूची दी है। इसका कारोबार कई सेवाओं और सेक्टरों में फैला है और जून 2025 तक 13 चालू साइटें बताई गई थीं। प्रोजेक्ट के समय के हिसाब से काम पूरा करने और कैश जनरेट करने में उतार-चढ़ाव हो सकता है: FY2024 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव था, जो FY2025 में पॉजिटिव हो गया। FY2025 के रेवेन्यू में टॉप 10 ग्राहकों का हिस्सा 78.03% और इस्तेमाल की गई सामग्री में टॉप 10 सप्लायरों का हिस्सा 80.21% था।
मैनेजमेंट की क्वालिटी
7.0/10
अनुभव
प्रमोटर Mohammad Khurshid Alam Khan को फैब्रिकेशन और कंस्ट्रक्शन का 25 साल से ज्यादा का अनुभव है। प्रमोटर Zarinabegum Khurshid Alam Khan को ऑपरेशंस का 18 साल से ज्यादा का अनुभव है। प्रमोटर ग्राहक संबंधों और बिजनेस डेवलपमेंट की निगरानी करते हैं।
ट्रैक रिकॉर्ड
कंपनी 2011 से काम कर रही है और कई वर्षों के दौरान इंडस्ट्रियल व इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टरों में पूरे किए गए प्रोजेक्टों की सूची देती है। रिपोर्ट किए गए नतीजों में FY2023-FY2025 के दौरान रेवेन्यू और PAT बढ़े हैं, हालांकि ऑपरेटिंग कैश फ्लो में उतार-चढ़ाव रहा और ग्राहकों से कारोबार कुछ ग्राहकों पर केंद्रित है।

अहम उपलब्धियां

  1. 01चेनाब रेल ब्रिज, मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक, रिफाइनरी, पावर, स्टील और न्यूक्लियर से जुड़े काम समेत फैब्रिकेशन, इरेक्शन और इंस्टॉलेशन के प्रोजेक्ट पूरे किए।
  2. 0230 जून 2025 तक 10 पूरे हुए प्रोजेक्ट और 13 चालू साइटें बताई गईं।
  3. 0330 सितंबर 2025 तक 26 से ज्यादा प्रोजेक्ट पर काम चल रहा था और प्रमाणित बैलेंस वर्क ऑर्डर की वैल्यू ₹19.82 करोड़ थी।
  4. 04ISO 9001:2015 क्वालिटी मैनेजमेंट और ISO 45001:2018 ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड सेफ्टी सर्टिफिकेशन बनाए रखा।
  5. 05FY2023 में डेट-इक्विटी रेशियो 1.30 से घटकर FY2025 में 0.65 हो गया, जबकि करंट रेशियो 1.12 से बढ़कर 1.75 हो गया।

फ्लेक्सिबिलिटी

7.0/10
बाज़ार के हिसाब से ढलना
7.0/10

कंपनी फैब्रिकेशन, इरेक्शन, पाइपिंग, सिविल वर्क्स और मेंटेनेंस के जरिए ऑयल एंड गैस, रिफाइनरी, पावर, स्टील, सीमेंट, न्यूक्लियर, ब्रिज और मेट्रो रेल सेक्टरों को सेवाएं देती है। इसने कई भारतीय राज्यों में प्रोजेक्ट पूरे किए हैं, लेकिन FY2025 के करीब 80% रेवेन्यू गुजरात से आया और निर्यात नगण्य रहा।

फाइनेंशियल स्थिरता
6.0/10

FY2025 में रेवेन्यू ₹36.73 करोड़ और PAT ₹3.28 करोड़ था; करंट रेशियो 1.75 और डेट-इक्विटी रेशियो 0.65 था। FY2024 में ₹1.07 करोड़ का आउटफ्लो रहने के बाद FY2025 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹4.23 करोड़ रहा। कारोबार में वर्किंग कैपिटल की जरूरत ज्यादा बनी हुई है और कंपनी ऑफर से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और वर्किंग कैपिटल के लिए करने की योजना बना रही है।

ऑपरेशनल चुस्ती
7.0/10

काम वर्कशॉप में या ग्राहक की साइट पर किया जा सकता है। इरेक्शन और अन्य सेवाएं कई जगहों पर दी जाती हैं। 557 कर्मचारियों की टीम, प्रोजेक्ट के आधार पर लिए जाने वाले कॉन्ट्रैक्ट मजदूर और 13 चालू साइटें कामकाज में लचीलापन देती हैं। योजनाबद्ध इक्विपमेंट और वाहन खरीदने से किराए और बाहरी ट्रांसपोर्ट पर निर्भरता घट सकती है।

Ajwa Projects के पास इंडस्ट्रियल सर्विसेज का व्यापक पोर्टफोलियो, लचीला वर्कशॉप और साइट-आधारित डिलीवरी मॉडल और कई सेक्टरों व राज्यों में काम का अनुभव है। वित्तीय आंकड़ों में सुधार हुआ है, हालांकि वर्किंग कैपिटल की जरूरत, ग्राहकों पर निर्भरता और घरेलू प्रोजेक्टों पर फोकस लचीलेपन को सीमित करते हैं।

प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
सेवाओं में स्ट्रक्चरल और इक्विपमेंट फैब्रिकेशन, इरेक्शन, पाइपिंग, प्रेशर इक्विपमेंट, प्रीफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर, सिविल कंस्ट्रक्शन, ब्लास्टिंग और पेंटिंग तथा मेंटेनेंस शामिल हैं। यह व्यापक दायरा इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट को पूरा करने और एसेट्स के रखरखाव के कई चरणों को कवर करता है।
भविष्य के हिसाब से ढलना
30 सितंबर 2025 तक ₹19.82 करोड़ की ऑर्डर बुक, कम पैठ वाले क्षेत्रों में प्रवेश की योजना और मशीनरी व ट्रांसपोर्ट एसेट्स में प्रस्तावित निवेश से कारोबार की संभावनाओं को समर्थन मिलता है। कर्ज घटने से वित्तीय लचीलापन बेहतर हो सकता है। भौगोलिक और ग्राहक एकाग्रता, रकम मिलने का लंबा चक्र और प्रोजेक्ट पूरा करने से जुड़ी वर्किंग कैपिटल की जरूरत अब भी बाधाएं हैं।

इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।