Dove Soft
कंपनी क्या करती है: एसेट-लाइट सर्विस बिज़नेस, जो बल्क मैसेजिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन सेवाओं पर केंद्रित है। इसमें वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत प्रीपेड/पोस्टपेड वेंडर व्यवस्थाओं और एंटरप्राइज ग्राहकों से मिलने वाले रिसीवेबल्स के कारण ज़्यादा रहती है।
लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित
Dove Soft Limited ने टॉपलाइन में मज़बूत बढ़त, अच्छी लाभप्रदता और बेहतर होते ऑपरेटिंग स्केल का प्रदर्शन किया है। कंपनी पर कर्ज़ का बोझ मध्यम है और IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल साफ तौर पर वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा। मुख्य सावधानी यह है कि कारोबार में रिसीवेबल्स का हिस्सा ज़्यादा है और उधारी मामूली है, लेकिन बढ़ रही है।
- लिस्टिंग गेन
- -0.63%
- ₹110.3 पर लिस्ट
- सब्सक्राइब्ड
- 1.38x
- कुल
- रिटेल चांस
- 100%
- 1 में 1
GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 11 Oct, 18:05 IST.
- प्राइस बैंड
- ₹104-111
- लॉट साइज़
- 2400 शेयर
- न्यूनतम निवेश
- ₹2,66,400
- इश्यू साइज़
- 73.26 Cr.
- ओपन30 Sept 2026
- क्लोज़5 Oct 2026
- अलॉटमेंट6 Oct 2026
- लिस्टिंग8 Oct 2026
ओवरव्यू
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- QIB
- 1x
- NII
- 1.96x
- रिटेल
- 0.81x
₹111 (+0.00%)
GMP ट्रेंड
अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में
पैसा कहां जाता है
- कंपनी को
- ₹55 Cr
- नया इश्यू
- बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
- ₹14 Cr
- ऑफर फॉर सेल
- कंपनी की कार्यशील पूंजी की ज़रूरतों के लिए फंडिंग₹46 Cr62%
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए₹3.71 Cr5%
- इश्यू खर्च₹10.89 Cr15%
- ऑफर फॉर सेल: बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है₹14 Cr19%
बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा
स्कोर कैसे जुड़ता है
कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।
- फाइनेंशियल7.0
- परफॉर्मेंस7.0
- फ्लेक्सिबिलिटी6.0
- टाइमिंग6.0
- रिस्क4.0
GMP 111 पर दिखाया गया है और प्रीमियम 0.00% है, जिससे ग्रे मार्केट में लिस्टिंग पर बहुत मामूली बढ़त का संकेत मिलता है। कंपनी की रेवेन्यू और PAT में मज़बूत बढ़त, अच्छी लाभप्रदता और कम कर्ज़ के बावजूद, IPO की एक वजह वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत है। रिसीवेबल्स की ज़्यादा मात्रा, ग्राहकों/वेंडरों पर निर्भरता और ऑफर फॉर सेल से हिस्सेदारी में कमी, लिस्टिंग को लेकर निकट अवधि के उत्साह को सीमित करते हैं।
मज़बूती5
- FY2024 में ₹11,972.69 लाख से FY2026 में ₹27,398.01 लाख तक रेवेन्यू बढ़ाया।
- तीनों वर्षों में PAT मार्जिन 8% से ऊपर बनाए रखा।
- ग्राहक छोड़ने की दर जैसे ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में सुधार हुआ, जो पहले की अवधि के 29.16% से घटकर 19.44% पर आई।
- ₹15,662.68 लाख का बार-बार मिलने वाला रेवेन्यू बेस बनाया।
- SMS, RCS, Voice, WhatsApp और Email चैनलों में ऑफरिंग का विविधीकरण किया।
चिंताएं5
- IT/ERP सिस्टम पर निर्भरता से साइबर हमले, सेवाएं ठप होने, आपदाओं और डेटा लीक का जोखिम है।
- ऑफर फॉर सेल से मिलने वाली रकम कंपनी को नहीं मिलेगी, जिससे उसे तुरंत फंडिंग नहीं मिलेगी।
- नए प्रोडक्ट्स को बाज़ार में स्वीकार्यता या व्यावसायिक सफलता नहीं मिल सकती।
- कानूनों, टैक्स और नियामकीय ज़रूरतों में बदलाव से अनुपालन का बोझ और लागत बढ़ सकती है।
- कंपनी, प्रमोटरों, निदेशकों और ग्रुप इकाइयों के खिलाफ इनकम टैक्स और इक्वलाइजेशन लेवी से जुड़े बड़े विवाद हैं।
शेयर किसे मिलते हैं
- QIB50%
- NII15%
- रिटेल35%
- रिटेल न्यूनतम2,66,4002 लॉट, 2400 शेयर
- रिटेल अधिकतम2,66,4002 लॉट, 2400 शेयर
- S-HNI न्यूनतम3,99,6003 लॉट, 3600 शेयर
- S-HNI अधिकतम9,32,4007 लॉट, 8400 शेयर
- B-HNI न्यूनतम10,65,6008 लॉट, 9600 शेयर
| आवेदन | लॉट साइज़ | शेयर | रकम |
|---|---|---|---|
| रिटेल न्यूनतम | 2 | 2400 | 2,66,400 |
| रिटेल अधिकतम | 2 | 2400 | 2,66,400 |
| S-HNI न्यूनतम | 3 | 3600 | 3,99,600 |
| S-HNI अधिकतम | 7 | 8400 | 9,32,400 |
| B-HNI न्यूनतम | 8 | 9600 | 10,65,600 |
टाइमिंग
6.0/10रणनीतिक रूप से यह ऑफर सेक्टर की अनुकूल मांग और कामकाज का विस्तार करने, लिक्विडिटी बेहतर बनाने तथा सीधे वेंडर संबंधों को सपोर्ट करने की कंपनी की ज़रूरत से मेल खाता है। फिर भी समय असाधारण रूप से अनुकूल नहीं है, क्योंकि यह रकम किसी मौके का फायदा उठाने के बजाय ज़रूरत पूरी करने के लिए जुटाई जा रही लगती है। कारोबार में वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत ज़्यादा है और वसूली चक्र का दबाव भी है, जिससे सही समय पर आने का फायदा सीमित होता है।
- बाज़ार में आने का समय
- कंपनी ऐसे समय में बाज़ार में उतर रही है जब डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एंटरप्राइज कम्युनिकेशन में ओम्नी-चैनल अपनाने से उसके सेक्टर को फायदा हो रहा है। यह सकारात्मक है, लेकिन इश्यू का समय खास आकर्षक नहीं है, क्योंकि रकम किसी साफ कारोबार मोड़ या वैल्यूएशन के मौके के बजाय रोज़मर्रा की ऑपरेटिंग कैश ज़रूरतों के लिए चाहिए।
- अलॉटमेंट कैसे होता है
- अलॉटमेंट का आधार तय और शेयर डीमैट खाते में जमा किए गए
- बाज़ार का माहौल
- सामान्य
- बाज़ार में आने का समय
- 6.0
- कहां लिस्ट होगा
- BSE SME
अहम पड़ाव
- 30 Sept 2026IPO खुलने की तारीख
- 5 Oct 2026IPO बंद होने की तारीख
- 6 Oct 2026अलॉटमेंट का आधार
- 7 Oct 2026रिफंड शुरू किए गए
- 7 Oct 2026डीमैट खाते में शेयर जमा
- 8 Oct 2026लिस्टिंग की तारीख
फाइनेंशियल
7.0/10- रेवेन्यू
- ₹275 Cr
- +45.9%
- टैक्स के बाद मुनाफा
- ₹23.4 Cr
- +41.5%
- नेट मार्जिन
- 8.5%
- -0.3 पॉइंट
- एसेट्स
- ₹164 Cr
- +50.8%
- रिटर्न ऑन इक्विटी
- 25.3%
- डेट टू इक्विटी
- 0.1
- रेवेन्यू CAGR
- 48.66%
- ROCE
- 33.81%
- रिटर्न ऑन नेट वर्थ
- 29.79%
- NAV प्रति शेयर (₹)
- 47.43
- प्राइस टू बुक
- 3.17
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड
रकम ₹ करोड़ मेंDove Soft Limited ने टॉपलाइन में मज़बूत बढ़त, अच्छी लाभप्रदता और बेहतर होते ऑपरेटिंग स्केल का प्रदर्शन किया है। कंपनी पर कर्ज़ का बोझ मध्यम है और IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल साफ तौर पर वर्किंग कैपिटल के लिए किया जाएगा। मुख्य सावधानी यह है कि कारोबार में रिसीवेबल्स का हिस्सा ज़्यादा है और उधारी मामूली है, लेकिन बढ़ रही है।
कुल उधारी करीब ₹9.30 Cr पर मध्यम है, जिसमें लंबी अवधि और छोटी अवधि की उधारी शामिल है। IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा, कर्ज़ चुकाने के लिए नहीं। इसलिए कर्ज़ का स्तर कोई बड़ी चिंता नहीं है।
नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।
कंपनी के मौजूदा शेयरधारक ऑफर में शेयर बेच रहे हैं, लेकिन दिए गए टेक्स्ट में उनके नाम और हिस्से का ब्योरा नहीं है।
नए इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। OFS में मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं, इससे कंपनी को कोई रकम नहीं मिलेगी।
रिस्क
4.0/10इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।
रिस्क कहां हैं
- फाइनेंशियल रिस्क4
- मार्केट रिस्क4
- ऑपरेशनल रिस्क4
- रेगुलेटरी रिस्क4
IT सिस्टम पर परिचालन निर्भरता, ऑफर से रकम न मिलना, मुकदमेबाज़ी/टैक्स से जुड़े जोखिम, नियामकीय बदलाव और बाज़ार में उतार-चढ़ाव कंपनी की बढ़त, लिक्विडिटी, अनुपालन और वैल्यूएशन को प्रभावित कर सकते हैं।
कंपनी इनसे कैसे निपटती है
साइबर सुरक्षा नियंत्रण, आपदा से उबरने की योजना, बैकअप, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और कानूनी/टैक्स अनुपालन की प्रक्रियाएं इन जोखिमों को कम कर सकती हैं, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं।
फाइनेंशियल रिस्क4
- ऑफर फॉर सेल से रकम न मिलने के कारण वर्किंग कैपिटल और फंडिंग के विकल्प सीमित हो सकते हैं।
- नए प्रोडक्ट्स सफल न हुए तो रेवेन्यू और लाभप्रदता पर बुरा असर पड़ सकता है।
- टैक्स की मांग, जुर्माने और संभावित देनदारियों का वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
- बाज़ार में उतार-चढ़ाव और कमज़ोर आर्थिक स्थितियां वैल्यूएशन और लिक्विडिटी को प्रभावित कर सकती हैं।
मार्केट रिस्क4
- नए प्रोडक्ट्स को बाज़ार में स्वीकार्यता नहीं मिल सकती।
- लिस्टिंग के बाद इक्विटी शेयर की ट्रेडिंग कीमत में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
- इंडस्ट्री और वैश्विक अर्थव्यवस्था में कमज़ोरी से ग्राहकों की मांग और रिसीवेबल्स की वसूली घट सकती है।
- राजनीतिक अस्थिरता, वैश्विक वित्तीय अस्थिरता और प्राकृतिक आपदाएं बाज़ारों और कारोबारी माहौल को प्रभावित कर सकती हैं।
ऑपरेशनल रिस्क4
- IT/ERP सिस्टम पर निर्भरता से कारोबार को साइबर हमलों, सेवाएं ठप होने, आपदाओं और डेटा लीक का जोखिम है।
- कुशल IT कर्मचारियों को भर्ती करने या बनाए रखने में नाकामी से कामकाज में अक्षमता या रुकावट आ सकती है।
- लिस्टेड कंपनी के रिपोर्टिंग, डिस्क्लोज़र और गवर्नेंस नियमों के कारण मैनेजमेंट का ध्यान बंट सकता है।
- टेक्नोलॉजी में बदलाव से मौजूदा सिस्टम पुराने पड़ सकते हैं या महंगे अपग्रेड की ज़रूरत पड़ सकती है।
रेगुलेटरी रिस्क4
- कानूनों, नियमों, टैक्स व्यवस्था और उनके प्रवर्तन में बदलाव से कारोबार और लाभप्रदता पर बुरा असर पड़ सकता है।
- कंपनी और संबंधित लोगों से जुड़ी टैक्स कार्यवाहियों का नतीजा प्रतिकूल हो सकता है।
- BSE से सैद्धांतिक लिस्टिंग मंज़ूरी नहीं मिल सकती।
- विदेशी निवेश, पहले खरीद के अधिकार, टेकओवर-रोधी प्रावधान और टैक्स नियम निवेशकों तथा लेनदेन पर सीमाएं लगा सकते हैं।
परफॉर्मेंस
7.0/10Dove Soft ने FY2024-FY2026 के दौरान टॉपलाइन में मज़बूत बढ़त दर्ज की। रेवेन्यू ₹11,972.69 लाख से बढ़कर ₹27,398.01 लाख और PAT ₹1,027.18 लाख से बढ़कर ₹2,340.42 लाख हो गया। लाभप्रदता अच्छी और स्थिर बनी रही, लेकिन मार्जिन में थोड़ी कमी आई है। कारोबार अब भी SMS और टेलीकॉम से जुड़े रेवेन्यू पर काफी निर्भर है और कुछ सर्विस प्रोवाइडरों तथा ग्राहकों पर इसकी भारी निर्भरता है। परिचालन अमल मज़बूत दिखता है, हालांकि वर्किंग कैपिटल में उतार-चढ़ाव और खरीद के लिए कुछ स्रोतों पर निर्भरता अहम जोखिम हैं।
- पुरानी ग्रोथ
- ऑपरेशंस से रेवेन्यू FY2025 में 56.81% और FY2026 में 45.94% बढ़ा। PAT FY2025 में 61.09% और FY2026 में 41.52% बढ़ा।, कई सालों की मज़बूत बढ़त। FY2024 से FY2026 तक रेवेन्यू CAGR करीब 52.4% रहा, जबकि PAT CAGR करीब 53.4% रहा।
- बाज़ार से तुलना
- कंपनी भारत में एक बड़े मध्यम आकार के CPaaS खिलाड़ी के रूप में दिखती है, लेकिन उसका रेवेन्यू मिक्स अब भी SMS पर ज़्यादा निर्भर (88.61%) और टेलीकॉम-केंद्रित (87.05%) है। बड़े प्लेटफॉर्म-आधारित प्रतिस्पर्धियों की तुलना में कंपनी बढ़त और लाभप्रदता के मामले में कामकाज को अच्छे से अंजाम देती दिखती है, लेकिन विविधीकरण कम है और परिचालन निर्भरता ज़्यादा है। बड़े प्रतिस्पर्धियों के पास एंटरप्राइज ग्राहकों का दायरा व्यापक और सप्लायर पर निर्भरता कम है।
- भविष्य की संभावना
- India में डिजिटल अपनाने, एंटरप्राइज कम्युनिकेशन की मांग और ओम्नी-चैनल ऑफरिंग के विस्तार से भविष्य की संभावनाएं अच्छी हैं। हालांकि, ग्राहकों पर निर्भरता, MNOs/क्लाउड प्रोवाइडरों पर भरोसे और प्रतिस्पर्धी दबाव से भविष्य की बढ़त सीमित हो सकती है।
- ऑपरेशनल निरंतरता
- कंपनी FY2011-12 से कारोबार कर रही है और लगातार विस्तार दिखाती है। फिर भी FY2025 में ऑपरेटिंग कैश फ्लो नेगेटिव था और FY2026 में मामूली पॉजिटिव रहा। इससे स्थिर कमाई बढ़ने के बावजूद वर्किंग कैपिटल के प्रति संवेदनशीलता का पता चलता है।
- अनुभव
- CEO Mukesh Narula को 08 अप्रैल 2024 को नियुक्त किया गया था और उन्हें मार्केटिंग व मैनेजमेंट में 30 साल से ज़्यादा का अनुभव है।
- ट्रैक रिकॉर्ड
- कंपनी का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में सीनियर मैनेजमेंट के कर्मचारियों में कोई बदलाव नहीं हुआ। हालांकि, CEO की नियुक्ति अपेक्षाकृत हाल में हुई है, इसलिए बताई गई अवधि में कंपनी के नेतृत्व की लंबी निरंतरता सीमित है।
अहम उपलब्धियां
- 01FY2024 में ₹11,972.69 लाख से FY2026 में ₹27,398.01 लाख तक रेवेन्यू बढ़ाया।
- 02तीनों वर्षों में PAT मार्जिन 8% से ऊपर बनाए रखा।
- 03ग्राहक छोड़ने की दर जैसे ऑपरेटिंग मेट्रिक्स में सुधार हुआ, जो पहले की अवधि के 29.16% से घटकर 19.44% पर आई।
- 04₹15,662.68 लाख का बार-बार मिलने वाला रेवेन्यू बेस बनाया।
- 05SMS, RCS, Voice, WhatsApp और Email चैनलों में ऑफरिंग का विविधीकरण किया।
फ्लेक्सिबिलिटी
6.0/10एंटरप्राइज कम्युनिकेशन के इस्तेमाल और कई उद्योगों में प्रोडक्ट-मार्केट फिट अच्छा है। हाल ही में WhatsApp, RCS, वॉइस, ईमेल और Dubai में विस्तार किया गया है। हालांकि, रेवेन्यू अब भी Telecom और कुछ ग्राहकों पर काफी निर्भर है, जिससे कारोबार की मुश्किल दौर से निपटने की क्षमता सीमित होती है।
कंपनी मुनाफे में है, उस पर कर्ज़ कम है (FY26 में debt-to-equity 0.10) और रिटर्न अच्छे हैं। लेकिन वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत ज़्यादा है, रिसीवेबल्स 146 दिनों के हैं और लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए IPO से मिलने वाली रकम ज़रूरी है।
क्लाउड-आधारित सेवाएं, APIs, व्हाइट-लेबल डैशबोर्ड और बार-बार मिलने वाले सर्विस कॉन्ट्रैक्ट्स से कामकाज में फुर्ती आती है। लेकिन कंपनी का कामकाज कुछ चुने हुए सर्विस प्रोवाइडरों और टेलीकॉम ऑपरेटरों के रिश्तों पर निर्भर है, जिससे उसका लचीलापन घटता है।
Dove Soft में लचीलापन मध्यम है। कंपनी कई कम्युनिकेशन चैनलों और कुछ भौगोलिक विस्तार के साथ एसेट-लाइट CPaaS मॉडल पर काम करती है, लेकिन ग्राहकों और वेंडरों पर ज़्यादा निर्भरता, लंबे रिसीवेबल चक्र और वर्किंग कैपिटल सपोर्ट पर निर्भरता उसकी अनुकूलन क्षमता को सीमित करते हैं।
- प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
- कंपनी ने SMS से आगे बढ़कर Voice, WhatsApp, Email, RCS और Map My Business जैसी डिजिटल सेवाएं शुरू की हैं, लेकिन रेवेन्यू में अब भी SMS का बड़ा हिस्सा है और Telecom सबसे बड़ा एंड-मार्केट बना हुआ है।
- भविष्य के हिसाब से ढलना
- मध्यम से अच्छा। नए चैनलों, AI-आधारित डिजिटल टूल्स, मौजूदा ग्राहकों को क्रॉस-सेल और विदेशों में विस्तार से कंपनी आगे बढ़ सकती है। लेकिन भविष्य में उसकी अनुकूलन क्षमता रिसीवेबल्स की वसूली बेहतर करने, ग्राहकों पर निर्भरता घटाने और वर्किंग कैपिटल तक पहुंच बनाए रखने पर निर्भर करेगी।
Dove Soft IPO पर ताज़ा
इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।