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Jio Platform
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Jio Platform

कंपनी क्या करती है: टेक्स्ट में समूह की टेलीकॉम और डिजिटल सेवाओं से जुड़ी निवेश प्राथमिकताओं का जिक्र है, लेकिन रेवेन्यू या बिजनेस सेगमेंट का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित · अपडेट

हमारा स्कोर
7.5/10मज़बूत

70.55x QIB सब्सक्रिप्शन के लिए एनालिसिस स्कोर 6 +1.5

Jio Platforms पर समूह का काफी कर्ज़ है। 30 जून 2026 तक ₹61,372.2 करोड़ बकाया था। IPO में RJIL के कर्ज़ का समय से पहले भुगतान करने के लिए ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल करने की योजना है। यहां जारीकर्ता के स्तर पर रेवेन्यू, मुनाफे, एसेट और इक्विटी के आंकड़े नहीं दिए गए हैं, जिससे कमाई और रिटर्न का आकलन सीमित हो जाता है।

GMP (अनौपचारिक)
+22.34%
₹250 प्रति शेयर
सब्सक्राइब्ड
22.19x
अब तक कुल
रिटेल चांस
37%
2.7 में 1

GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 24 Oct, 22:19 IST.

प्राइस बैंड
₹1,065-1,119
लॉट साइज़
12 शेयर
न्यूनतम निवेश
₹13,428
इश्यू साइज़
30,213 Cr.
इश्यू टाइमलाइन
  1. ओपन21 Oct 2026
  2. क्लोज़23 Oct 2026
  3. अलॉटमेंट26 Oct 2026
  4. लिस्टिंग28 Oct 2026

ओवरव्यू

आपके चांस

मौजूदा सब्सक्रिप्शन आंकड़ों से अनुमानित। अपने आवेदन के साइज़ के हिसाब से निकालने के लिए किसी कैटेगरी पर टैप करें।

कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन
22.19x अब तक कुल
QIB
70.55x
S-HNI
10.22x
B-HNI
15.89x
रिटेल
2.72x
शेयरहोल्डर
7.6x
GMP से अनुमानित लिस्टिंग (अनौपचारिक)

₹1,369 (+22.34%)

GMP ट्रेंड

अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में

पैसा कहां जाता है

कंपनी को
₹30,213 Cr
नया इश्यू
बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
₹0 Cr
कोई ऑफर फॉर सेल नहीं
  • कंपनी के कुछ उधारों का रीपेमेंट या प्रीपेमेंट₹27,500 Cr91%
  • सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए₹2,688 Cr9%

बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा

स्कोर कैसे जुड़ता है

कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।

  • फाइनेंशियल4.0
  • परफॉर्मेंस8.0
  • फ्लेक्सिबिलिटी8.0
  • टाइमिंग6.0
  • रिस्क4.0
अनुमानित फायदा (सिर्फ फंडामेंटल्स)
+5%

रेवेन्यू और मुनाफे में तेज़ ग्रोथ, ज़्यादा EBITDA मार्जिन, बाजार में अग्रणी स्थिति और ग्रोथ के व्यापक अवसर, बुनियादी बातों के आधार पर मध्यम बढ़त का समर्थन करते हैं। काफी कर्ज़, समूह की कंपनियों पर निर्भरता, नियामकीय और कानूनी जोखिम, बढ़ती फाइनेंस लागत और पूंजी पर घटता रिटर्न संभावनाओं को सीमित करते हैं। जारीकर्ता के स्तर पर वित्तीय जानकारी सीमित है और वैल्यूएशन के आंकड़े नहीं हैं, इसलिए ज़्यादा अनुमान पर भरोसा करना मुश्किल है।

मज़बूती5

  • 30 जून 2026 तक 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवा दी और भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में 49.78% हिस्सेदारी हासिल की।
  • भारत की 99% से ज़्यादा आबादी तक वायरलेस ब्रॉडबैंड और लगभग 98% पिन कोड तक फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कवरेज पहुंचाई।
  • देशभर में स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क बनाया और 30 जून 2026 तक 28.49 करोड़ 5G ग्राहक बनाए।
  • फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़ाकर 2.86 करोड़ की, जिनमें 1.4 करोड़ JioAirFiber ग्राहक शामिल हैं।
  • Fiscal 2026 में ₹76,255.4 करोड़ का EBITDA और 51.91% मार्जिन दर्ज किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹77,556.3 करोड़ था।

चिंताएं5

  • रेवेन्यू और ऑपरेशंस काफी हद तक Reliance Group की कंपनियों पर निर्भर हैं: RRL सभी प्रीपेड सेवाएं वितरित करती है, RJIL ने कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू और EBITDA का अधिकांश हिस्सा दिया और टावर व फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर काफी हद तक SDIL और JDFPL पर निर्भर है।
  • टेलीकॉम लाइसेंस और स्पेक्ट्रम के नवीनीकरण, नीलामी, रोलआउट और नियामकीय बदलाव से जुड़े जोखिम हैं। इनमें 26 GHz रोलआउट की देरी से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए ₹10.6 करोड़ का प्रावधान भी शामिल है।
  • काफी कर्ज़ निवेश को सीमित कर सकता है और कर्ज़ चुकाने की क्षमता को कमज़ोर कर सकता है। वहीं, आर्थिक झटकों से उधारी की लागत बढ़ सकती है और पूंजी तक पहुंच सीमित हो सकती है।
  • नेटवर्क में रुकावट, ग्राहकों का कंपनी छोड़ना, साइबर सुरक्षा घटनाएं, AI/ML की नाकामी और टेक्नोलॉजी का पुरानी पड़ना सेवाओं को प्रभावित कर सकता है। सैटेलाइट ब्रॉडबैंड से प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।
  • नियामकीय और कानूनी जोखिमों में TRAI और DoT की मांगों पर विवाद, साझा स्पेक्ट्रम के इस्तेमाल से जुड़े शुल्क का ₹1,389.1 करोड़ का विवाद और RJIL व सब्सिडियरी से जुड़ी आपराधिक कार्यवाही शामिल हैं।

शेयर किसे मिलते हैं

कोटा का बंटवारा
  • QIB50%
  • NII15%
  • रिटेल35%
आवेदन का साइज़
  • रिटेल न्यूनतम13,428
    1 लॉट, 12 शेयर
  • रिटेल अधिकतम187,992
    14 लॉट, 168 शेयर
  • S-HNI न्यूनतम201,420
    15 लॉट, 180 शेयर
  • S-HNI अधिकतम993,672
    74 लॉट, 888 शेयर
  • B-HNI न्यूनतम10,07,100
    75 लॉट, 900 शेयर

टाइमिंग

6.0/10

₹30,213 करोड़ के इस ऑफर को संस्थागत, रिटेल और शेयरधारक निवेशकों के लिए व्यापक अलॉटमेंट चैनलों और बड़ी संख्या में घरेलू व अंतरराष्ट्रीय बुक रनिंग लीड मैनेजरों का समर्थन मिला है। इससे शेयर बांटने की व्यापक क्षमता मिलती है। हालांकि, इश्यू की जानकारी में बाजार के सेंटीमेंट, सेक्टर की स्थिति, वैल्यूएशन या निवेशकों की मांग के बारे में कोई सबूत नहीं है, इसलिए टाइमिंग का आकलन तटस्थ है।

बाज़ार में आने का समय
बड़ी संख्या में सिंडिकेट सदस्यों और निवेशकों के लिए तय अलॉटमेंट व्यवस्था से संकेत मिलता है कि इश्यू की तैयारी जटिल पेशकश के मुताबिक की गई है। उपलब्ध जानकारी यह नहीं दिखाती कि इस समय बाजार की स्थिति लॉन्च के लिए अनुकूल है या नहीं।
अलॉटमेंट कैसे होता है
अलॉटमेंट का आधार तय हुआ और शेयर डीमैट में क्रेडिट किए गए
बाज़ार का माहौल
सामान्य
बाज़ार में आने का समय
6.0
कहां लिस्ट होगा
BSE, NSE

अहम पड़ाव

  1. 21 Oct 2026IPO खुला
  2. 23 Oct 2026IPO बंद
  3. 26 Oct 2026अलॉटमेंट का आधार
  4. 27 Oct 2026रिफंड शुरू
  5. 27 Oct 2026डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट
  6. 28 Oct 2026लिस्टिंग की तारीख

फाइनेंशियल

4.0/10
अवधि समाप्त 31 Mar 2026
बदलाव बनाम 31 Mar 2025
रेवेन्यू
₹1,49,759 Cr
+15.8%
टैक्स के बाद मुनाफा
₹30,053 Cr
+15.1%
नेट मार्जिन
20.1%
-0.1 पॉइंट
एसेट्स
₹6,15,594 Cr
+5.9%
रिटर्न ऑन इक्विटी
-%
डेट टू इक्विटी
[.]
ROCE
10.76%
रिटर्न ऑन नेट वर्थ
9.42%
NAV प्रति शेयर (₹)
373.66
प्राइस टू बुक
2.93

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड

रकम ₹ करोड़ में

Jio Platforms पर समूह का काफी कर्ज़ है। 30 जून 2026 तक ₹61,372.2 करोड़ बकाया था। IPO में RJIL के कर्ज़ का समय से पहले भुगतान करने के लिए ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल करने की योजना है। यहां जारीकर्ता के स्तर पर रेवेन्यू, मुनाफे, एसेट और इक्विटी के आंकड़े नहीं दिए गए हैं, जिससे कमाई और रिटर्न का आकलन सीमित हो जाता है।

कंपनी पर कर्ज
30 जून 2026 तक कंपनी और उसकी सब्सिडियरी के लिए ₹61,372.2 करोड़ (₹61,372.2 Cr)

समूह पर काफी कर्ज़ है। IPO से मिलने वाली रकम में से ₹27,500 करोड़ तक का इस्तेमाल RJIL के कर्ज़ का समय से पहले भुगतान करने के लिए किया जाएगा। किस सुविधा का भुगतान होगा, यह बाद में तय किया जाएगा। यह कर्ज़ में बड़ी कमी होगी, हालांकि इसके बाद भी काफी कर्ज़ बाकी रहेगा।

कौन बेच रहा है, और क्यों
नया इश्यू 100%
₹30,213 Cr
OFS 0%
₹0 Cr

नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।

प्रमोटर नहीं बेच रहे

कुछ नहीं; बताया गया इश्यू नया इश्यू है और ऑफर फॉर सेल का जिक्र नहीं है।

कंपनी नया इश्यू जारी करके पूंजी जुटा रही है। नेट प्रोसीड्स में से ₹27,500 करोड़ तक RJIL के कर्ज़ का समय से पहले भुगतान करने के लिए रखे गए हैं। बाकी रकम का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जा सकता है, जिसकी सीमा ग्रॉस प्रोसीड्स का 25% है। OFS या मौजूदा शेयरधारकों को कैश मिलने का जिक्र नहीं है।

रिस्क

4.0/10

इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।

रिस्क कहां हैं

  • फाइनेंशियल रिस्क3
  • मार्केट रिस्क3
  • ऑपरेशनल रिस्क3
  • रेगुलेटरी रिस्क4

समूह पर निर्भरता, टेलीकॉम नियमन से जुड़े जोखिम, काफी कर्ज़, टेक्नोलॉजी और सेवा से जुड़े जोखिम और लंबित कानूनी मामलों के चलते जोखिम ज़्यादा है। बाजार और फाइनेंसिंग से जुड़ी अनिश्चितता भी जोखिम बढ़ाती है।

कंपनी इनसे कैसे निपटती है

RJIL ने नियामकीय मांगों को चुनौती दी है। कई मामलों में ट्रिब्यूनल या अदालतों ने दबाव डालकर कार्रवाई करने या कार्यवाही पर रोक लगाई है। Supreme Court के निर्देश पर ₹250 करोड़ जमा किए गए थे।

फाइनेंशियल रिस्क3

  • काफी कर्ज़ निवेश और कर्ज़ चुकाने की क्षमता को सीमित कर सकता है।
  • आर्थिक झटकों से उधारी की लागत बढ़ सकती है, पूंजी तक पहुंच कम हो सकती है और गैर-ज़रूरी खर्च घट सकता है।
  • संभावित नियामकीय भुगतान और जुर्माने वित्तीय जोखिम पैदा कर सकते हैं, जिसमें साझा स्पेक्ट्रम के शुल्क का विवाद भी शामिल है।

मार्केट रिस्क3

  • सैटेलाइट ब्रॉडबैंड से प्रतिस्पर्धा, बदलती टेक्नोलॉजी और ग्राहकों का कंपनी छोड़ना मांग और बाजार में स्थिति को प्रभावित कर सकता है।
  • आर्थिक उतार-चढ़ाव से मांग घट सकती है और फाइनेंसिंग की स्थिति प्रभावित हो सकती है।
  • निवेशकों को शेयर की कीमतों में उतार-चढ़ाव, सक्रिय बाजार उपलब्ध होने की अनिश्चितता, मुद्रा और टैक्स से जुड़े जोखिम, संभावित डाइल्यूशन और विदेशी फैसलों को लागू करने की सीमाओं का सामना करना पड़ सकता है।

ऑपरेशनल रिस्क3

  • प्रीपेड सेवाओं के वितरण के लिए RRL, अधिकांश रेवेन्यू और EBITDA के लिए RJIL और टावर व फाइबर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए SDIL और JDFPL पर निर्भरता।
  • नेटवर्क में रुकावट, साइबर सुरक्षा घटनाएं और AI/ML की नाकामी सेवाओं को प्रभावित कर सकती हैं या कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
  • टेक्नोलॉजी का पुरानी पड़ना और सेवा की गुणवत्ता से जुड़ी समस्याएं ग्राहकों को कंपनी छोड़ने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

रेगुलेटरी रिस्क4

  • लाइसेंस का नवीनीकरण, स्पेक्ट्रम की अवधि पूरी होना, नीलामी, रोलआउट की जिम्मेदारियां और नियामकीय बदलाव लागत बढ़ा सकते हैं या ऑपरेशंस पर रोक लगा सकते हैं।
  • बदलते कानून और उनकी व्याख्या को लेकर अनिश्चितता के कारण अतिरिक्त अनुपालन या मंजूरियों की ज़रूरत पड़ सकती है।
  • टेलीकॉम से जुड़े लंबित नोटिस और मुकदमों में TRAI के डिसइनसेंटिव, DoT के जुर्माने और साझा स्पेक्ट्रम शुल्क की अपील शामिल हैं।
  • आपराधिक कार्यवाही में RJIL और उसकी सब्सिडियरी शामिल हैं। प्रमोटर से जुड़े अलग SEBI मामले भी हैं।

परफॉर्मेंस

8.0/10

Jio Platforms मोबाइल और फिक्स्ड ब्रॉडबैंड सब्सक्रिप्शन से नियमित रेवेन्यू के साथ मनोरंजन, क्लाउड, IoT, एंटरप्राइज और AI सेवाएं बंडल करता है। कनेक्टिविटी रेवेन्यू का मुख्य स्रोत है। इसका पैमाना, अपनी नेटवर्क टेक्नोलॉजी और ज़्यादा मार्जिन अच्छे प्रदर्शन को समर्थन देते हैं। हालांकि, Reliance Group के वितरण नेटवर्क पर निर्भरता, बढ़ती फाइनेंस लागत और पूंजी पर घटता रिटर्न इस आकलन को सीमित करते हैं।

पुरानी ग्रोथ
ऑपरेशंस से रेवेन्यू Fiscal 2024 में ₹1,09,558.1 करोड़ से बढ़कर Fiscal 2026 में ₹1,46,885.3 करोड़ हो गया, जो दो साल का लगभग 15.8% CAGR है। Fiscal 2025 में ग्रोथ 17.03% और Fiscal 2026 में 14.56% रही। इसी अवधि में साल का मुनाफा ₹21,423.2 करोड़ से बढ़कर ₹30,049.1 करोड़ हो गया, जो दो साल का लगभग 18.4% CAGR है।, Fiscal 2024–2026 में रेवेन्यू 15.8% CAGR से बढ़ा। 30 जून 2026 को खत्म हुए तीन महीनों में रेवेन्यू साल-दर-साल 11.82% और मुनाफा 9.20% बढ़ा।
बाज़ार से तुलना
30 जून 2026 तक 49.78% बाजार हिस्सेदारी के साथ Jio भारतीय वायरलेस ब्रॉडबैंड में सबसे आगे था। Airtel की हिस्सेदारी 35.47%, Vodafone Idea की 12.51% और BSNL की 2.20% थी। इसके 4G और 5G सब्सक्राइबर दूसरे सबसे बड़े ऑपरेटर से लगभग 1.4 गुना थे और कुल फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में इसकी हिस्सेदारी करीब 43.32% थी। प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में इसकी मोबाइल ब्रॉडबैंड स्पीड दूसरे ऑपरेटरों के औसत से दोगुने से भी ज़्यादा थी। प्रतिस्पर्धियों से की गई ये तुलना कंपनी के लिए तैयार की गई इंडस्ट्री डेटा पर आधारित है।
भविष्य की संभावना
संभावित ग्रोथ के कारकों में मोबाइल ब्रॉडबैंड का बढ़ता इस्तेमाल, डेटा खपत में वृद्धि, ARPU ग्रोथ, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड का विस्तार और क्लाउड व AI सेवाओं की एंटरप्राइज मांग शामिल हैं। इंडस्ट्री रिपोर्ट का अनुमान है कि भारत का मोबाइल ब्रॉडबैंड बाजार Fiscal 2026 के ₹2.3 ट्रिलियन से बढ़कर Fiscal 2031 में ₹5.1 ट्रिलियन हो जाएगा। सेक्टर ARPU हर महीने ₹199.5 से बढ़कर ₹326.4 होने का अनुमान है। ये बाजार के अनुमान हैं, कंपनी की गाइडेंस नहीं।
ऑपरेशनल निरंतरता
कंपनी 2016 से परिचालन में है और ग्राहकों, रेवेन्यू तथा मुनाफे में लगातार ग्रोथ दिखाती है। नेटवर्क ऑपरेटिंग खर्च का रेवेन्यू में हिस्सा Fiscal 2024 के 27.54% से घटकर Fiscal 2026 में 23.03% हो गया। दूसरी ओर, Fiscal 2026 में फाइनेंस लागत 76.42% बढ़ी, अन्य खर्च बढ़े और औसत इस्तेमाल की गई पूंजी पर रिटर्न Fiscal 2024 के 12.83% से घटकर Fiscal 2026 में 10.76% हो गया।
मैनेजमेंट की क्वालिटी
7.0/10
अनुभव
2016 में लॉन्च होने के बाद से कंपनी का परिचालन इतिहास और देशभर में 4G, 5G और फिक्स्ड वायरलेस सेवाओं को लागू करने का ट्रैक रिकॉर्ड इसकी संगठनात्मक क्षमता दिखाता है। दी गई जानकारी में अलग-अलग प्रबंधन सदस्यों की जीवनी और उनका कार्यकाल शामिल नहीं है।
ट्रैक रिकॉर्ड
तेजी से 5G नेटवर्क तैनाती, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड में वृद्धि, AI आधारित नेटवर्क ऑपरेशंस और जून 2026 तिमाही में सेल्फ-सर्विस या AI की मदद से 84% सेवा अनुरोधों को संभालना, काम को लागू करने की क्षमता के संकेत हैं। Reliance Retail प्रीपेड कनेक्टिविटी सेवाओं का एकमात्र वितरक है, जिससे समूह की एक कंपनी पर काफी निर्भरता बनती है।

अहम उपलब्धियां

  1. 0130 जून 2026 तक 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवा दी और भारत के वायरलेस ब्रॉडबैंड बाजार में 49.78% हिस्सेदारी हासिल की।
  2. 02भारत की 99% से ज़्यादा आबादी तक वायरलेस ब्रॉडबैंड और लगभग 98% पिन कोड तक फिक्स्ड ब्रॉडबैंड कवरेज पहुंचाई।
  3. 03देशभर में स्टैंडअलोन 5G नेटवर्क बनाया और 30 जून 2026 तक 28.49 करोड़ 5G ग्राहक बनाए।
  4. 04फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या बढ़ाकर 2.86 करोड़ की, जिनमें 1.4 करोड़ JioAirFiber ग्राहक शामिल हैं।
  5. 05Fiscal 2026 में ₹76,255.4 करोड़ का EBITDA और 51.91% मार्जिन दर्ज किया। ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹77,556.3 करोड़ था।
  6. 0630 जून 2026 तक 7,220 पेटेंट आवेदन दाखिल किए और डिजिटल प्रोडक्ट व टेक्नोलॉजी विकास में 12,477 कर्मचारियों को रखा।

फ्लेक्सिबिलिटी

8.0/10
बाज़ार के हिसाब से ढलना
9.0/10

कंपनी 4G से 5G और मोबाइल कनेक्टिविटी से फिक्स्ड ब्रॉडबैंड, मनोरंजन, क्लाउड, एंटरप्राइज सेवाओं और AI की ओर हुए बड़े बदलावों के मुताबिक खुद को ढाल चुकी है। इसके 53.33 करोड़ ग्राहक और भारत की 99% से ज़्यादा आबादी तक पहुंच नई सेवाओं को तेजी से अपनाने में मदद करती है।

फाइनेंशियल स्थिरता
7.0/10

RJIL ने Fiscal 2026 में ₹28,173.2 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स और ₹2,91,593.3 करोड़ की नेट वर्थ दर्ज की। 30 जून 2026 तक इसका कर्ज़ ₹58,374.9 करोड़ था। इश्यू से मिली रकम में से ₹27,500 करोड़ तक का कर्ज़ समय से पहले चुकाने में इस्तेमाल करने से ब्याज लागत कम हो सकती है और भविष्य के निवेश को समर्थन मिल सकता है।

ऑपरेशनल चुस्ती
9.0/10

इन-हाउस नेटवर्क, सॉफ्टवेयर, डिवाइस और ऐप्लिकेशन क्षमताएं नए प्रोडक्ट तेजी से विकसित और लॉन्च करने में मदद कर सकती हैं। AI आधारित नेटवर्क मैनेजमेंट, विकेंद्रीकृत ऑपरेटिंग मॉडल और सेल्फ-सर्विस वर्कफ्लो भी विस्तार और सेवा में बदलाव को समर्थन देते हैं।

Jio के पास टेक्नोलॉजी और ग्राहकों की बदलती ज़रूरतों के मुताबिक ढलने की अच्छी क्षमता है। इसे इन-हाउस क्षमताओं, देशभर में पहुंच और व्यापक सेवा प्लेटफॉर्म का समर्थन मिलता है। कनेक्टिविटी रेवेन्यू का मुख्य स्रोत बनी हुई है और काफी कर्ज़ से कुल लचीलापन सीमित होता है।

प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
पोर्टफोलियो में मोबाइल और फिक्स्ड कनेक्टिविटी, मनोरंजन, क्लाउड और प्रोडक्टिविटी, स्मार्ट-होम और IoT प्रोडक्ट, AI और एंटरप्राइज कनेक्टिविटी व मैनेज्ड सेवाएं शामिल हैं। रेवेन्यू अब भी डिजिटल कनेक्टिविटी पर केंद्रित है, जो रेवेन्यू का अधिकांश हिस्सा है।
भविष्य के हिसाब से ढलना
अच्छी। 6G, AI आधारित नेटवर्क ऑटोमेशन, क्लाउड प्लेटफॉर्म, फिक्स्ड ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं पर लगातार काम हो रहा है। बड़ा ग्राहक आधार और अपनी टेक्नोलॉजी बड़े पैमाने पर नई सेवाएं लॉन्च करने में मदद कर सकती है। कर्ज़ घटने से फंडिंग क्षमता बेहतर हो सकती है, जबकि कनेक्टिविटी रेवेन्यू पर निर्भरता और तीसरे पक्ष की साझेदारियों पर भरोसा सीमाएं बनी हुई हैं।

Jio Platform IPO पर ताज़ा

इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।