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Ravita Engineering Services Limited
SMEबंद

Ravita Engineering Services Limited

कंपनी क्या करती है: कंपनी इलेक्ट्रो-मैकेनिकल प्रोजेक्ट्स को पूरा करती है और सेवाएं देती है। काम किए जाने या कंट्रोल ट्रांसफर होने पर ग्राहक कॉन्ट्रैक्ट से रेवेन्यू दर्ज किया जाता है।

लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित · अपडेट

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हमारा स्कोर
6.0/10मिला-जुला

FY2024 में ₹134.925 करोड़ से FY2026 में ₹2,776.329 करोड़ तक रेवेन्यू तेजी से बढ़ा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा बढ़कर ₹280.36 करोड़ हो गया। मार्जिन सुधरकर 10.1% पर पहुंचा। बैलेंस शीट का आकार बढ़ा, वर्किंग कैपिटल की जरूरत अब भी ज़्यादा है और इक्विटी के मुकाबले उधारी मध्यम स्तर पर है।

लिस्टिंग गेन
+6.67%
₹112 पर लिस्ट
सब्सक्राइब्ड
1.14x
अब तक कुल
रिटेल चांस
100%
1 में 1

GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 22 Oct, 00:21 IST.

प्राइस बैंड
₹105-112
लॉट साइज़
N/A
न्यूनतम निवेश
N/A
इश्यू साइज़
Approx 116.05 Crores
इश्यू टाइमलाइन
  1. ओपन13 Oct 2026
  2. क्लोज़15 Oct 2026
  3. अलॉटमेंट16 Oct 2026
  4. लिस्टिंग21 Oct 2026

ओवरव्यू

आपके चांस

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कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन
1.14x अब तक कुल
QIB
1.05x
NII
1.69x
रिटेल
0.95x
GMP से अनुमानित लिस्टिंग (अनौपचारिक)

₹₹113 (+0.9%)

GMP ट्रेंड

अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में

पैसा कहां जाता है

कंपनी को
₹110 Cr
नया इश्यू
बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
₹0 Cr
कोई ऑफर फॉर सेल नहीं
  • कंपनी की लंबी अवधि की वर्किंग कैपिटल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए₹70 Cr60%
  • कुछ भारी उपकरणों की खरीद के लिए हमारी कंपनी की पूंजीगत खर्च की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए फंडिंग₹25.53 Cr22%
  • सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्य₹8.91 Cr8%
  • इश्यू खर्च₹11.62 Cr10%

बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा

स्कोर कैसे जुड़ता है

कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।

  • फाइनेंशियल7.0
  • परफॉर्मेंस7.0
  • फ्लेक्सिबिलिटी7.0
  • टाइमिंग5.0
  • रिस्क4.0
अनुमानित फायदा (सिर्फ फंडामेंटल्स)
+12%

FY24 से FY26 के दौरान रेवेन्यू और मुनाफा तेजी से बढ़ा है। मार्जिन करीब 10% है, रिटर्न ऑन इक्विटी 25.6% मजबूत है और ₹49,112.12 lakhs की ऑर्डर बुक से निकट भविष्य में काम की अच्छी संभावना दिखती है। कंपनी का EPC और O&M वाला मिला-जुला मॉडल ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में काम करता है, जिससे ग्रोथ को सहारा मिलता है। हालांकि ग्राहकों पर निर्भरता, वर्किंग कैपिटल का दबाव, कर्ज से जुड़ी लिक्विडिटी की चिंता और कानूनी तथा टैक्स विवाद बढ़त को सीमित करते हैं। इसलिए संभावित फायदा सकारात्मक है, लेकिन बहुत आक्रामक नहीं।

मज़बूती5

  • 30 जून 2026 तक ऑर्डर बुक बढ़कर ₹49,112.12 lakhs हो गई।
  • FY26 में कुल ₹55,889.66 lakhs के नए वर्क ऑर्डर मिले।
  • ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर सेगमेंट्स में काम का दायरा बढ़ाया।
  • डेटा सेंटर और ऑफशोर के ज़्यादा मूल्य वाले कामों की ओर रेवेन्यू का मिश्रण बेहतर किया।
  • FY26 में EBITDA ₹4,004.92 lakhs और PAT ₹2,804.16 lakhs रहा।

चिंताएं5

  • 30 जून 2026 को समाप्त तीन महीनों में टॉप पांच ग्राहकों से 82.85% रेवेन्यू आया, जिससे कुछ ही ग्राहकों पर ज़्यादा निर्भरता दिखती है।
  • पश्चिमी भारत और ऑफशोर काम से ज़्यादातर रेवेन्यू आया, इसलिए क्षेत्रीय स्थितियां खराब होने या प्रोजेक्ट में देरी से कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।
  • कड़ी प्रतिस्पर्धा वाली बोली में ऑफशोर प्रोजेक्ट जीतने की संभावना कम है। प्रोजेक्ट पूरा करने में देरी से पेनल्टी, लागत बढ़ने, कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने या ब्लैकलिस्ट होने का जोखिम है।
  • इश्यू प्राइस लिस्टिंग के बाद के बाजार मूल्य को सहारा न दे पाए, और EMERGE प्लेटफॉर्म पर सक्रिय ट्रेडिंग बाजार बनने की कोई गारंटी नहीं है।
  • बाजार भाव में उतार-चढ़ाव रह सकता है और सर्किट ब्रेकर या GSM और ASM की कार्रवाई से ट्रेडिंग और लिक्विडिटी पर पाबंदी लग सकती है।

शेयर किसे मिलते हैं

कोटा का बंटवारा
  • QIB50%
  • NII15%
  • रिटेल35%
आवेदन का साइज़
  • रिटेल न्यूनतम2,68,800
    2 लॉट, 2400 शेयर
  • रिटेल अधिकतम2,68,800
    2 लॉट, 2400 शेयर
  • S-HNI न्यूनतम4,03,200
    3 लॉट, 3600 शेयर
  • S-HNI अधिकतम9,40,800
    7 लॉट, 8400 शेयर
  • B-HNI न्यूनतम10,75,200
    8 लॉट, 9600 शेयर

टाइमिंग

5.0/10

लिस्टिंग का समय संतुलित है, इसे साफ तौर पर अनुकूल नहीं कहा जा सकता। कंपनी ऐसे समय बाजार में उतर रही है जब उसके अंतिम बाजारों को पूंजी खर्च से फायदा मिल सकता है, लेकिन यही सेक्टर व्यापक आर्थिक उतार-चढ़ाव और बजट में सतर्कता के प्रति संवेदनशील हैं। SME इश्यू के लिए निवेशकों की दिलचस्पी अकेले बाजार के व्यापक रुझान के बजाय काफी हद तक प्रोजेक्ट पूरा करने, ऑर्डर को काम में बदलने और वर्किंग कैपिटल को अनुशासन से संभालने पर निर्भर रहने की संभावना है।

बाज़ार में आने का समय
कंपनी ऐसे सेक्टर्स में काम करती है जहां पूंजी निवेश हो सकता है, लेकिन इश्यू पर चक्रीय मांग और बाहरी जोखिमों का असर भी है। इसलिए समय ठीक है, लेकिन प्रीमियम इश्यू के लिए बहुत मजबूत नहीं।
अलॉटमेंट कैसे होता है
अलॉटमेंट का आधार तय और शेयर डीमैट में क्रेडिट किए गए
बाज़ार का माहौल
सामान्य
बाज़ार में आने का समय
5.0
कहां लिस्ट होगा
NSE SME

अहम पड़ाव

  1. 13 Oct 2026IPO खुलने की तारीख
  2. 15 Oct 2026IPO बंद होने की तारीख
  3. 16 Oct 2026अलॉटमेंट का आधार
  4. 19 Oct 2026रिफंड शुरू
  5. 19 Oct 2026डीमैट खाते में क्रेडिट
  6. 21 Oct 2026लिस्टिंग की तारीख

फाइनेंशियल

7.0/10
अवधि समाप्त 31 Mar 2026
बदलाव बनाम 31 Mar 2025
रेवेन्यू
₹278 Cr
+154.2%
टैक्स के बाद मुनाफा
₹28.04 Cr
+137.0%
नेट मार्जिन
10.1%
-0.7 पॉइंट
एसेट्स
₹163 Cr
+179.8%
रिटर्न ऑन इक्विटी
25.6%
डेट टू इक्विटी
0.28
करंट रेशियो
2.05x
रेवेन्यू CAGR
348.8%
ROCE
10.60%
रिटर्न ऑन नेट वर्थ
9.68%
NAV प्रति शेयर (₹)
40.15
प्राइस टू बुक
2.79

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड

रकम ₹ करोड़ में

FY2024 में ₹134.925 करोड़ से FY2026 में ₹2,776.329 करोड़ तक रेवेन्यू तेजी से बढ़ा, जबकि टैक्स के बाद मुनाफा बढ़कर ₹280.36 करोड़ हो गया। मार्जिन सुधरकर 10.1% पर पहुंचा। बैलेंस शीट का आकार बढ़ा, वर्किंग कैपिटल की जरूरत अब भी ज़्यादा है और इक्विटी के मुकाबले उधारी मध्यम स्तर पर है।

कंपनी पर कर्ज
₹308.80 Cr

उधारी मध्यम स्तर पर है और मुख्य रूप से शॉर्ट टर्म की है। यहां IPO से मिली रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करने की बात नहीं कही गई है, इसलिए यह ऑफर कर्ज घटाने के लिए बनाया गया नहीं दिखता।

कौन बेच रहा है, और क्यों
नया इश्यू 100%
₹110 Cr
OFS 0%
₹0 Cr

नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।

प्रमोटर नहीं बेच रहे

यहां कोई जानकारी नहीं दी गई

नए इश्यू का मकसद यहां नहीं बताया गया है। ऑफर फॉर सेल की जानकारी भी नहीं दी गई है, इसलिए उपलब्ध जानकारी से मौजूदा शेयरधारकों की हिस्सेदारी बेचने की पहचान नहीं की जा सकती।

रिस्क

4.0/10

इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।

रिस्क कहां हैं

  • फाइनेंशियल रिस्क4
  • मार्केट रिस्क4
  • ऑपरेशनल रिस्क4
  • रेगुलेटरी रिस्क4

ग्राहकों और भौगोलिक क्षेत्रों पर निर्भरता, बोली और प्रोजेक्ट पूरा करने पर निर्भरता, ट्रेडिंग लिक्विडिटी का जोखिम, और लंबित GST तथा सिविल विवादों से नुकसान और कैश फ्लो को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

कंपनी इनसे कैसे निपटती है

कॉन्ट्रैक्ट को अच्छी तरह पूरा करें, ग्राहकों और क्षेत्रों का दायरा बढ़ाएं, GST और सिविल मामलों को जल्द सुलझाएं, वर्किंग कैपिटल को सख्ती से संभालें और अनसिक्योर्ड फंडिंग पर निर्भरता घटाएं।

फाइनेंशियल रिस्क4

  • 30 जून 2026 को समाप्त तीन महीनों में टॉप पांच ग्राहकों से 82.85% रेवेन्यू आया।
  • 30 जून 2026 तक कर्ज और उधारी कुल ₹3,432.49 lakhs थी, जिसमें सिक्योर्ड और अनसिक्योर्ड देनदारियां शामिल हैं।
  • अनसिक्योर्ड लोन और इंटर-कॉरपोरेट डिपॉजिट से रीपेमेंट और लिक्विडिटी का दबाव बनता है।
  • ₹214.62 lakhs की GST मांग और ₹110.68 lakhs का सिविल दावा प्रतिकूल फैसला आने पर कैश आउटफ्लो की वजह बन सकता है।

मार्केट रिस्क4

  • इश्यू प्राइस लिस्टिंग के बाद की ट्रेडिंग वैल्यू को नहीं दिखा सकता।
  • स्टॉक एक्सचेंज पर सक्रिय ट्रेडिंग बाजार बनने की कोई गारंटी नहीं है।
  • रोज़ाना के सर्किट ब्रेकर, GSM और ASM की कार्रवाई ट्रेडिंग और लिक्विडिटी पर पाबंदी लगा सकती है।
  • तिमाही प्रदर्शन, आर्थिक स्थितियों और बाजार में सीमित गहराई के कारण शेयर भाव और ट्रेडिंग वॉल्यूम में उतार-चढ़ाव रह सकता है।

ऑपरेशनल रिस्क4

  • रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा पश्चिमी भारत और ऑफशोर प्रोजेक्ट्स से आता है।
  • प्रतिस्पर्धी बोली और ऑफशोर प्रोजेक्ट मिलने की कम संभावना से भविष्य के कॉन्ट्रैक्ट जीतने पर निर्भरता बढ़ती है।
  • प्रोजेक्ट में देरी से पेनल्टी, लागत बढ़ने, कॉन्ट्रैक्ट खत्म होने या ब्लैकलिस्ट होने का जोखिम है।
  • कुछ सप्लायर्स पर निर्भरता से सेवाएं देने और लागत के ढांचे में रुकावट आ सकती है।

रेगुलेटरी रिस्क4

  • GST शो कॉज नोटिस में कम टैक्स चुकाने, गलत वर्गीकरण, गैर-योग्य ITC, RCM से जुड़ी समस्याओं और टैक्स नियमों के अन्य उल्लंघनों का आरोप है।
  • SKS Infrastructure का कमर्शियल मुकदमा जारी है और इससे वित्तीय नुकसान हो सकता है।
  • GSM और ASM जैसे रेगुलेटरी निगरानी उपाय ट्रेडिंग पर असर डाल सकते हैं।
  • आगे नियमों का पालन न होने या प्रतिकूल जांच नतीजों से कामकाज, देनदारियों और प्रतिष्ठा पर असर पड़ सकता है।

परफॉर्मेंस

7.0/10

Ravita Engineering Services ने रेवेन्यू और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी दिखाई है। बढ़ती ऑर्डर बुक, ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में काम और EPC तथा O&M कारोबार के लिए FY26 के मजबूत मार्जिन से इसे सहारा मिला है। नियमित मेंटेनेंस के काम और ऊर्जा दक्षता की मांग से इसके बिजनेस मॉडल को फायदा होता है। हालांकि वर्किंग कैपिटल की ज़्यादा जरूरत, मौजूदा देनदारियों का ऊंचा स्तर, महाराष्ट्र पर निर्भरता और वैधानिक बकाया चुकाने में देरी जोखिम बने हुए हैं।

पुरानी ग्रोथ
ऑपरेशंस से रेवेन्यू FY24 में ₹1,349.25 lakhs से बढ़कर FY25 में ₹10,861.27 lakhs और FY26 में ₹27,763.29 lakhs हो गया। इसके बाद FY27 की पहली तिमाही में यह ₹9,731.36 lakhs रहा। PAT FY24 में ₹150.80 lakhs से बढ़कर FY25 में ₹1,182.70 lakhs और FY26 में ₹2,804.16 lakhs हो गया। FY27 की पहली तिमाही में यह ₹1,013.05 lakhs रहा।, बहुत तेज ग्रोथ। FY25 में रेवेन्यू 7.0x और FY26 में 2.6x बढ़ा। PAT FY25 में 7.8x और FY26 में 2.4x बढ़ा।
बाज़ार से तुलना
कंपनी HVAC और इलेक्ट्रो-मैकेनिकल सर्विसेज के प्रतिस्पर्धी बाजार में काम करती है। बड़े घरेलू खिलाड़ियों के पास इससे ज़्यादा पूंजी, तकनीकी क्षमता और भौगोलिक पहुंच हो सकती है। इंडस्ट्रियल, ऑफशोर और डेटा सेंटर के माहौल में काम, O&M क्षमता और ऊर्जा दक्षता से जुड़ी सेवाएं इसे अलग पहचान देती हैं। इसका आकार स्थापित प्रतिस्पर्धियों से छोटा है, लेकिन खास सेगमेंट्स में इसकी मौजूदगी और हाल की ग्रोथ दर एक युवा मिड-साइज़ कॉन्ट्रैक्टर के लिए आम तौर पर दिखने वाले स्तर से बेहतर है।
भविष्य की संभावना
ऊर्जा दक्षता के नियमों, डेटा सेंटर के विस्तार, इंडस्ट्रियल कैपेक्स और ₹49,112.12 lakhs की ऑर्डर बुक से भविष्य की ग्रोथ को सहारा मिल सकता है। रेवेन्यू की संभावना अच्छी है, हालांकि प्रोजेक्ट पूरा करने की रफ्तार और वर्किंग कैपिटल को अनुशासन से संभालना अहम होगा।
ऑपरेशनल निरंतरता
कंपनी का परिचालन इतिहास छोटा है, लेकिन इसमें सुधार हो रहा है। नए ऑर्डर बढ़ रहे हैं, पुराने ग्राहकों से दोबारा काम मिल रहा है और कंपनी कई सेगमेंट्स में प्रोजेक्ट कर रही है। नियमित O&M काम से कारोबार को स्थिरता मिलती है, लेकिन मॉडल अब भी प्रोजेक्ट में देरी, वर्किंग कैपिटल के दबाव और वैधानिक भुगतान की समस्याओं से प्रभावित हो सकता है।
मैनेजमेंट की क्वालिटी
7.0/10
अनुभव
कंपनी का नेतृत्व चेयरमैन और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर Vibhoar Agrawal और मैनेजिंग डायरेक्टर तथा CEO Sunildutt Narayan Goswami कर रहे हैं। Sunildutt Narayan Goswami के पास 20 साल से ज़्यादा का अनुभव है और वह 2010 से कंपनी के साथ हैं। Vibhoar Agrawal को इंजीनियरिंग और EPC का अनुभव है।
ट्रैक रिकॉर्ड
कंट्रोल में बदलाव के बाद फ़रवरी 2025 से मैनेजमेंट ने ऑर्डर, रेवेन्यू और मुनाफे में तेज बढ़ोतरी की है। कई तरह के प्रोजेक्ट्स पूरे करने में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत दिखता है। इसे पुराने ग्राहकों से मिले दोबारा ऑर्डर और कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी का सहारा मिला है।

अहम उपलब्धियां

  1. 0130 जून 2026 तक ऑर्डर बुक बढ़कर ₹49,112.12 lakhs हो गई।
  2. 02FY26 में कुल ₹55,889.66 lakhs के नए वर्क ऑर्डर मिले।
  3. 03ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर सेगमेंट्स में काम का दायरा बढ़ाया।
  4. 04डेटा सेंटर और ऑफशोर के ज़्यादा मूल्य वाले कामों की ओर रेवेन्यू का मिश्रण बेहतर किया।
  5. 05FY26 में EBITDA ₹4,004.92 lakhs और PAT ₹2,804.16 lakhs रहा।

फ्लेक्सिबिलिटी

7.0/10
बाज़ार के हिसाब से ढलना
7.0/10

कंपनी उन सेगमेंट्स में काम करती है जो ऊर्जा दक्षता नियमों, जरूरी कूलिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग से जुड़े हैं। इसकी मौजूदगी इंडस्ट्रियल प्लांट्स, ऑफशोर एसेट्स, डेटा सेंटर, कमर्शियल बिल्डिंग्स और माइनिंग व डिफेंस जैसे संबंधित सेक्टर्स में है। हेल्थकेयर, हॉस्पिटैलिटी, शिपयार्ड, फार्मा और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में जाने की रणनीति बाजार में बदलाव के अनुरूप ढलने की क्षमता बढ़ाती है।

फाइनेंशियल स्थिरता
6.0/10

Fiscal 2024 से Fiscal 2026 के दौरान रेवेन्यू, EBITDA और PAT में तेज सुधार हुआ। Fiscal 2026 में नेट वर्थ बढ़कर ₹9,955.84 lakhs और 30 जून 2026 तक ₹10,968.89 lakhs हो गई। Fiscal 2026 में डेट टू इक्विटी सुधरकर 0.19 पर आया और 30 जून 2026 तक 0.28 रहा। वर्किंग कैपिटल की जरूरत अब भी ज़्यादा है। 30 जून 2026 तक नेट वर्किंग कैपिटल का अंतर ₹12,610.12 lakhs था, इसलिए लिक्विडिटी अब भी एक चुनौती है।

ऑपरेशनल चुस्ती
8.0/10

30 जून 2026 तक कंपनी में 399 कर्मचारी थे, जिनमें 368 इंजीनियरिंग और टेक्निकल स्टाफ थे। यह ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर साइट्स पर काम करती है और ऑर्डर बुक में EPIC, O&M और हाइब्रिड प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। तेजी से कर्मचारियों को जुटाने, मिशन-क्रिटिकल माहौल में काम करने और अपने उपकरण बढ़ाने की क्षमता से कामकाज में तेजी आनी चाहिए।

Ravita Engineering Services EPIC प्रोजेक्ट्स, O&M कॉन्ट्रैक्ट्स और ऑनशोर, ऑफशोर तथा डेटा सेंटर सेगमेंट में हाइब्रिड काम के मेल के जरिए अच्छी फ्लेक्सिबिलिटी दिखाती है। कंपनी कई इंडस्ट्रीज और क्षेत्रों को सेवाएं देती है, इसकी ऑर्डर बुक बढ़ रही है और प्रोजेक्ट के काम में उतार-चढ़ाव होने पर यह नियमित मेंटेनेंस से होने वाली कमाई की ओर बढ़ सकती है। हालांकि वर्किंग कैपिटल की ज़्यादा जरूरत, प्रोजेक्ट पूरा करने पर निर्भरता और पुराने ग्राहकों पर निर्भरता इसकी फ्लेक्सिबिलिटी को सीमित करती है।

प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
कंपनी के पोर्टफोलियो में टर्नकी इलेक्ट्रो-मैकेनिकल EPC, HVAC सर्विसेज, ऑटोमेशन और कंट्रोल्स, O&M और इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट शामिल हैं। यह ऑनशोर, ऑफशोर और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में भी काम करती है। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल प्लांट्स, कमर्शियल बिल्डिंग्स, यूटिलिटीज, डिफेंस, माइनिंग, मरीन और सब-सी डिस्चार्ज पाइपलाइन जैसे चुनिंदा खास इंजीनियरिंग कामों में भी इसकी मौजूदगी है।
भविष्य के हिसाब से ढलना
कंपनी के भविष्य में बदलाव के अनुरूप ढलने की क्षमता मजबूत दिखती है, क्योंकि यह पहले से नियमों पर आधारित और मिशन-क्रिटिकल कूलिंग सेगमेंट्स में काम करती है, जहां नियमित मेंटेनेंस को महत्व दिया जाता है। डेटा सेंटर, ऊर्जा-कुशल HVAC, स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम और रेगुलेटेड इंडस्ट्रियल सेक्टर्स में ग्रोथ के मौके हैं। उपकरणों का मालिकाना हक बढ़ाने, चुनिंदा बोली लगाने और नए अंतिम-उपयोग वाले सेगमेंट्स में जाने से ग्राहकों की जरूरतों के प्रति प्रतिक्रिया बेहतर होनी चाहिए और किराये के उपकरणों पर निर्भरता घटनी चाहिए। हालांकि कारोबार बढ़ाने के लिए वर्किंग कैपिटल को अनुशासन से संभालना और काम की गुणवत्ता बनाए रखना जरूरी होगा।

Ravita Engineering Services Limited IPO पर ताज़ा

इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।