TNA Solutions
कंपनी क्या करती है: दिए गए अंश में इसका साफ तौर पर वर्णन नहीं है।
लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित · अपडेट
35.64x QIB सब्सक्रिप्शन के लिए एनालिसिस स्कोर 4.8 +1
निकाले गए JSON में इस्तेमाल करने लायक वित्तीय आंकड़े नहीं दिए गए हैं, इसलिए राजस्व, मुनाफे, एसेट्स और लेवरेज जैसे प्रमुख मेट्रिक्स का दिए गए डेटा के आधार पर आकलन नहीं किया जा सकता। टेक्स्ट से पता चलता है कि यह पूंजी जुटाने के लिए नया इश्यू है और प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं।
- लिस्टिंग गेन
- -20%
- ₹56 पर लिस्ट
- सब्सक्राइब्ड
- 55.2x
- कुल
- रिटेल चांस
- 2.2%
- 46 में 1
GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 11 Oct, 21:53 IST.
- प्राइस बैंड
- ₹66-70
- लॉट साइज़
- 4000 शेयर
- न्यूनतम निवेश
- ₹2,80,000
- इश्यू साइज़
- 37.86 Cr.
- ओपन30 Sept 2026
- क्लोज़6 Oct 2026
- अलॉटमेंट7 Oct 2026
- लिस्टिंग9 Oct 2026
ओवरव्यू
मौजूदा सब्सक्रिप्शन आंकड़ों से अनुमानित। अपने आवेदन के साइज़ के हिसाब से निकालने के लिए किसी कैटेगरी पर टैप करें।
- QIB
- 35.64x
- NII
- 102.14x
- रिटेल
- 46.17x
₹70 (+0.00%)
GMP ट्रेंड
अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में
पैसा कहां जाता है
- कंपनी को
- ₹36 Cr
- नया इश्यू
- बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
- ₹0 Cr
- कोई ऑफर फॉर सेल नहीं
- नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के सिविल निर्माण और प्लांट व मशीनरी की खरीद के लिए पूंजीगत व्यय की जरूरत को पूरा करने हेतु फंडिंग₹6.76 Cr18%
- वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए फंडिंग₹20 Cr53%
- सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य₹5.63 Cr15%
- इश्यू का खर्च₹5.47 Cr14%
बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा
स्कोर कैसे जुड़ता है
कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।
- फाइनेंशियल3.0
- परफॉर्मेंस7.0
- फ्लेक्सिबिलिटी6.0
- टाइमिंग4.0
- रिस्क4.0
GMP से लिस्टिंग पर करीब 10% बढ़त का संकेत मिलता है। अलग-अलग आकलनों से मिले संकेत मिले-जुले हैं: राजस्व/PAT में तेज ग्रोथ, बेहतर होती क्षमता और निर्यात की रफ्तार मांग को सहारा देते हैं, लेकिन ग्राहकों पर मध्यम से ज़्यादा निर्भरता, छोटा पैमाना, एक ही यूनिट पर निर्भरता और समय व वित्तीय स्थिति का साधारण होना आगे री-रेटिंग की गुंजाइश सीमित करते हैं। कुल मिलाकर, लिस्टिंग पर मुनाफे की उम्मीद GMP के अनुरूप दिखती है, उससे काफी ज़्यादा नहीं।
मज़बूती5
- FY24 में इंस्टॉल्ड क्षमता 13,10,506 metres से बढ़कर FY26 में 52,23,386 metres हुई
- क्षमता का इस्तेमाल 70.00% से बढ़कर 75.00% हुआ
- कई भौगोलिक क्षेत्रों में निर्यात कारोबार बनाया; FY26 में USA, UAE और Israel प्रमुख बाजार रहे
- OEKO-Tex Standard 100, GOTS-Scope, SCAN compliance और Walmart approval समेत क्वालिटी/अनुपालन संबंधी मान्यताएं हासिल कीं
- ऑर्डर से डिस्पैच तक ERP-आधारित सिस्टम और कई चरणों वाला क्वालिटी कंट्रोल लागू किया
चिंताएं5
- राजस्व का बड़ा हिस्सा शीटिंग सेगमेंट से आता है, इसलिए मांग या ग्राहकों की पसंद में कोई भी गिरावट बिक्री और मार्जिन को काफी कम कर सकती है।
- कारोबार B2B ग्राहकों पर काफी निर्भर है, B2C राजस्व बहुत कम है और लंबे समय के समझौते नहीं हैं। इससे ऑर्डर रद्द होने और ग्राहक गंवाने का जोखिम बढ़ता है।
- कंपनी का कारोबार इंदौर मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर निर्भर है। इससे मशीन खराब होने, बंद रहने या उत्पादन रुकने का जोखिम बढ़ता है।
- मजदूरों से जुड़े विवाद, हड़ताल या कामकाज रुकने से मैन्युफैक्चरिंग बाधित हो सकती है और राजस्व पर असर पड़ सकता है।
- अगर शीटिंग की मांग कमजोर पड़ती है, तो इन्वेंटरी पुरानी पड़ने और डिस्काउंट पर बेचने का जोखिम बढ़ सकता है। इससे होल्डिंग लागत बढ़ेगी और मुनाफे पर दबाव आएगा।
शेयर किसे मिलते हैं
- QIB50%
- NII15%
- रिटेल35%
- रिटेल न्यूनतम2,80,0002 लॉट, 4000 शेयर
- रिटेल अधिकतम2,80,0002 लॉट, 4000 शेयर
- S-HNI न्यूनतम4,20,0003 लॉट, 6000 शेयर
- S-HNI अधिकतम9,80,0007 लॉट, 14,000 शेयर
- B-HNI न्यूनतम11,20,0008 लॉट, 16,000 शेयर
| आवेदन | लॉट साइज़ | शेयर | रकम |
|---|---|---|---|
| रिटेल न्यूनतम | 2 | 4000 | 2,80,000 |
| रिटेल अधिकतम | 2 | 4000 | 2,80,000 |
| S-HNI न्यूनतम | 3 | 6000 | 4,20,000 |
| S-HNI अधिकतम | 7 | 14,000 | 9,80,000 |
| B-HNI न्यूनतम | 8 | 16,000 | 11,20,000 |
टाइमिंग
4.0/10कुल मिलाकर बाजार की स्थिति कुछ हद तक प्रतिकूल दिखती है। कंपनी ऐसे माहौल में इश्यू ला रही है जहां उसने खुद बाजार में उतार-चढ़ाव, निगरानी संबंधी संभावित कदमों, विदेशी निवेशकों पर पाबंदियों और व्यापक मैक्रो अनिश्चितता का उल्लेख किया है। छोटे SME इश्यू के लिए ये बातें सब्सक्रिप्शन की गुणवत्ता और लिस्टिंग के बाद के प्रदर्शन पर काफी असर डाल सकती हैं। इससे बाजार में प्रवेश अवसर का फायदा उठाने के बजाय सावधानी से किया गया कदम लगता है।
- बाज़ार में आने का समय
- कंपनी चक्रीय तेजी के रुझानों या ऐसी बड़ी रणनीतिक जरूरत के ठोस सबूत नहीं देती, जो इश्यू को खास तौर पर सही समय पर लाया गया इश्यू बनाए। छोटे पैमाने, संबंधित पक्षों के साथ केंद्रित एक्सपोजर और सेकेंडरी मार्केट में संभावित कम लिक्विडिटी का मेल इश्यू के समय को औसत से कमजोर बनाता है।
- अलॉटमेंट कैसे होता है
- अलॉटमेंट का आधार तय हुआ और शेयर डीमैट खाते में जमा किए गए
- बाज़ार का माहौल
- सामान्य
- बाज़ार में आने का समय
- 4.0
- कहां लिस्ट होगा
- BSE SME
अहम पड़ाव
- 30 Sept 2026IPO खुलने की तारीख
- 6 Oct 2026IPO बंद होने की तारीख
- 7 Oct 2026अलॉटमेंट का आधार
- 8 Oct 2026रिफंड शुरू किए गए
- 8 Oct 2026डीमैट खाते में शेयर जमा
- 9 Oct 2026लिस्टिंग की तारीख
फाइनेंशियल
3.0/10- रेवेन्यू
- ₹110 Cr
- +31.3%
- टैक्स के बाद मुनाफा
- ₹9.58 Cr
- +43.8%
- नेट मार्जिन
- 8.7%
- +0.8 पॉइंट
- एसेट्स
- ₹94.21 Cr
- +63.9%
- रिटर्न ऑन इक्विटी
- 32.60%
- डेट टू इक्विटी
- 1.29
- ROCE
- 42.84%
- रिटर्न ऑन नेट वर्थ
- 32.60%
- NAV प्रति शेयर (₹)
- 119.80
- प्राइस टू बुक
- 0.58
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड
रकम ₹ करोड़ मेंनिकाले गए JSON में इस्तेमाल करने लायक वित्तीय आंकड़े नहीं दिए गए हैं, इसलिए राजस्व, मुनाफे, एसेट्स और लेवरेज जैसे प्रमुख मेट्रिक्स का दिए गए डेटा के आधार पर आकलन नहीं किया जा सकता। टेक्स्ट से पता चलता है कि यह पूंजी जुटाने के लिए नया इश्यू है और प्रमोटर/प्रमोटर ग्रुप अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं।
दिए गए अंश में कुल उधारी का खुलासा नहीं किया गया है और कर्ज चुकाने के लिए IPO से मिलने वाली रकम का भी कोई उल्लेख नहीं है। दिए गए टेक्स्ट से कर्ज के बोझ का आकलन नहीं किया जा सकता।
नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।
कोई नहीं। टेक्स्ट में कहा गया है कि प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप इश्यू में हिस्सा नहीं बेचेंगे।
अंश से संकेत मिलता है कि कंपनी पूंजी जुटा रही है, मौजूदा शेयरधारक बाहर नहीं निकल रहे हैं। OFS का खुलासा नहीं किया गया है।
रिस्क
4.0/10इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।
रिस्क कहां हैं
- फाइनेंशियल रिस्क2
- मार्केट रिस्क3
- ऑपरेशनल रिस्क3
- रेगुलेटरी रिस्क3
शीटिंग सेगमेंट पर निर्भरता, B2B कारोबार पर भारी निर्भरता, एक ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर निर्भरता और इन्वेंटरी, मांग व अनुपालन से जुड़ी संभावित बाधाओं के कारण जोखिम ज़्यादा है।
कंपनी इनसे कैसे निपटती है
प्रोडक्ट और ग्राहकों में विविधता लाएं, प्रिवेंटिव मेंटेनेंस और अनुपालन सिस्टम मजबूत करें, इन्वेंटरी पर नियंत्रण रखें और B2C कारोबार को धीरे-धीरे बढ़ाएं।
फाइनेंशियल रिस्क2
- मांग कमजोर पड़ने पर इन्वेंटरी पुरानी पड़ने और डिस्काउंट पर बेचने से लागत बढ़ सकती है और मार्जिन घट सकता है।
- शीटिंग सेगमेंट में राजस्व का ज्यादा हिस्सा केंद्रित है। इस सेगमेंट की बिक्री घटने पर कैश फ्लो और नतीजों पर काफी असर पड़ सकता है।
मार्केट रिस्क3
- ग्राहकों की पसंद बदलने से शीटिंग की मांग घट सकती है और बिक्री की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।
- लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट के बिना B2B पर भारी निर्भरता से ग्राहक गंवाने और ऑर्डर रद्द होने का जोखिम बढ़ता है।
- B2C कारोबार को बढ़ाने में नाकामी से विविधता और ग्रोथ सीमित हो सकती है।
ऑपरेशनल रिस्क3
- इंदौर प्लांट की एक ही यूनिट पर निर्भरता से कारोबार बाधित होने का जोखिम बढ़ता है।
- उपकरण, मशीनरी या ऑटोमेशन में खराबी से उत्पादन रुक सकता है।
- मजदूरों से जुड़े विवाद, हड़ताल या कामकाज बंद होने से ऑपरेशन ठप हो सकते हैं और डिलीवरी में देरी हो सकती है।
रेगुलेटरी रिस्क3
- मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में नियामकीय मंजूरियों का उल्लंघन होने पर देरी या पाबंदियां लग सकती हैं।
- डिस्क्लोजर में अकाउंटिंग और इंडस्ट्री डेटा की सीमाओं पर जोर दिया गया है, जिससे आकलन में अनिश्चितता रहती है।
- दिए गए इनपुट में लंबित मुकदमों की जानकारी नहीं थी, इसलिए मुकदमेबाजी से जुड़े किसी खास जोखिम का आकलन नहीं किया गया है।
परफॉर्मेंस
7.0/10TNA Solutions ने FY24-FY26 के दौरान राजस्व और मुनाफे में अच्छी बढ़त दर्ज की है। क्षमता का इस्तेमाल बढ़ा है और निर्यात का हिस्सा भी ऊंचा हुआ है। फोकस्ड B2B मैन्युफैक्चरिंग मॉडल, कई चरणों में क्वालिटी कंट्रोल और बेहतर होते मार्जिन से प्रदर्शन को सहारा मिला है, लेकिन कारोबार अब भी छोटा है, ग्राहकों पर काफी निर्भर है और उस पर मध्यम लेवरेज है।
- पुरानी ग्रोथ
- परिचालन से राजस्व FY24 में ₹3,585.08 lakh से बढ़कर FY25 में ₹8,148.60 lakh और FY26 में ₹10,458.72 lakh हो गया; EBITDA ₹513.05 lakh से बढ़कर ₹1,267.96 lakh हुआ; PAT ₹268.74 lakh से बढ़कर ₹958.35 lakh हुआ। B2C का योगदान नगण्य रहा, जबकि FY26 के राजस्व में निर्यात का हिस्सा बढ़कर 52.03% हो गया।, FY24 से FY26 तक राजस्व CAGR करीब 73% रहा; इसी अवधि में PAT CAGR करीब 89% रहा।
- बाज़ार से तुलना
- Welspun, Trident, Indo Count और GHCL जैसे बड़े पीयर्स के मुकाबले TNA का आकार काफी छोटा है और इसका कारोबार ज्यादा केंद्रित है। हालांकि, इसका मॉडल निर्यात और अपने ब्रांड के विकल्प के साथ वैल्यू-एडेड B2B मैन्युफैक्चरिंग पर ज्यादा केंद्रित है। अग्रणी पीयर्स की तुलना में इसके पास पैमाना, वर्टिकल इंटीग्रेशन और ग्राहकों में विविधता नहीं है, लेकिन छोटे आधार से हाल की ग्रोथ तेज रही है।
- भविष्य की संभावना
- प्रस्तावित मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 67.77% ज्यादा क्षमता, निर्यात के अवसर और शुरुआती D2C/अपने ब्रांड के विकास से संभावनाएं अच्छी हैं। ग्रोथ की गुंजाइश अहम है, लेकिन अमल और ग्राहकों पर निर्भरता बड़ी सीमाएं बनी हुई हैं।
- ऑपरेशनल निरंतरता
- कंपनी का कारोबार कुछ ही समय से चल रहा है, फिर भी राजस्व और मुनाफे में लगातार बढ़त, क्षमता के बेहतर इस्तेमाल और अनुशासित क्वालिटी पर काम दिखा है। हालांकि, FY26 के राजस्व में शीर्ष 10 ग्राहकों का योगदान 83.82% था, जो ग्राहकों पर काफी निर्भरता का जोखिम दिखाता है।
- अनुभव
- प्रमोटर ग्रुप के पास कुल मिलाकर तीन दशक से ज़्यादा का अनुभव है; Ambuj Jain को टेक्सटाइल में 19 years, Ayush Jain को फाइनेंस/अकाउंटिंग में 8 years, Tanu Jain को डिजाइन में 5 years, Gaurav Jain को मार्केटिंग में 7 years से ज़्यादा और Anuj Jain को ऑपरेशंस में 14 years का अनुभव है।
- ट्रैक रिकॉर्ड
- मैनेजमेंट ने क्वालिटी सिस्टम और ERP-आधारित योजना के सहारे राजस्व, निर्यात और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को तेजी से बढ़ाया है।
अहम उपलब्धियां
- 01FY24 में इंस्टॉल्ड क्षमता 13,10,506 metres से बढ़कर FY26 में 52,23,386 metres हुई
- 02क्षमता का इस्तेमाल 70.00% से बढ़कर 75.00% हुआ
- 03कई भौगोलिक क्षेत्रों में निर्यात कारोबार बनाया; FY26 में USA, UAE और Israel प्रमुख बाजार रहे
- 04OEKO-Tex Standard 100, GOTS-Scope, SCAN compliance और Walmart approval समेत क्वालिटी/अनुपालन संबंधी मान्यताएं हासिल कीं
- 05ऑर्डर से डिस्पैच तक ERP-आधारित सिस्टम और कई चरणों वाला क्वालिटी कंट्रोल लागू किया
फ्लेक्सिबिलिटी
6.0/10भारत और कई निर्यात बाजारों में मौजूदगी, FY26 में निर्यात से 52.03% राजस्व और Ambra Linens के जरिए अपने ब्रांड के D2C कारोबार की शुरुआत से बाजार के बदलावों के अनुसार ढलने की क्षमता अच्छी दिखती है। शीटिंग, पिलो कवर, टॉवल और टॉप-ऑफ-बेड प्रोडक्ट्स की मांग से भी कारोबार को फायदा मिलता है।
कंपनी मुनाफे में है और बढ़ रही है। FY26 में परिचालन से राजस्व बढ़कर ₹10,458.72 lakhs और PAT ₹958.35 lakhs हो गया। 1.63 का करंट रेशियो ठीक है, लेकिन डेट-टू-इक्विटी 1.29x होने से लेवरेज अब भी मध्यम स्तर पर है। कारोबार अभी अपेक्षाकृत छोटा है, वर्किंग कैपिटल पर निर्भर है और IPO से मिलने वाली रकम से विस्तार की योजना है।
ERP इंटीग्रेशन, कई चरणों में क्वालिटी कंट्रोल, इन-हाउस सिलाई/वैल्यू एडिशन और कई सप्लायरों से खरीदने तथा जॉब-वर्क हाउस के जरिए प्रोसेसिंग कराने की क्षमता से परिचालन में चुस्ती बनी रहती है। FY26 में क्षमता का इस्तेमाल बढ़कर 75% हुआ और प्रस्तावित नई यूनिट से इंस्टॉल्ड क्षमता 67.77% बढ़ाने का लक्ष्य है।
कंपनी में कुछ हद तक लचीलापन दिखता है: यह घरेलू और निर्यात बाजारों में कारोबार करती है, होम टेक्सटाइल प्रोडक्ट्स की विविध रेंज रखती है, ERP के जरिए कामकाज चलाती है और क्षमता व B2C मौजूदगी बढ़ा रही है। हालांकि, ग्राहकों पर भारी निर्भरता, फैब्रिक प्रोसेसिंग के लिए तीसरे पक्ष पर निर्भरता और अभी छोटे B2C कारोबार के कारण इसकी ढलने की क्षमता सीमित है।
- प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
- कंपनी के होम टेक्सटाइल पोर्टफोलियो में शीटिंग, पिलो शेल/कवर, टॉवल और टॉप-ऑफ-बेड प्रोडक्ट्स शामिल हैं। FY24 में शीटिंग पर भारी निर्भरता के मुकाबले FY26 तक राजस्व का मिश्रण काफी विविध हुआ, जिसमें पिलो पेयर और टॉवल का भी अच्छा योगदान रहा।
- भविष्य के हिसाब से ढलना
- संभावना अच्छी है। इसकी वजह प्रस्तावित क्षमता विस्तार, निर्यात बाजार के अवसर, D2C ब्रांड का विकास और वैश्विक खरीदारों की क्वालिटी/अनुपालन जरूरतों के अनुरूप कामकाज है। शीर्ष ग्राहकों पर भारी निर्भरता और B2B मॉडल का अब भी दबदबा इसकी संभावनाओं को सीमित करता है, लेकिन मौजूदा ऑपरेटिंग मॉडल अलग-अलग बाजारों और प्रोडक्ट कैटेगरी के अनुसार ढलता दिखता है।
TNA Solutions IPO पर ताज़ा
इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।