IPO Milega

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Vishal Nirmiti
मेनबोर्डबंद

Vishal Nirmiti

कंपनी क्या करती है: कंपनी के पास काफी इन्वेंटरी और ट्रेड रिसीवेबल्स हैं और उसने कर्ज़ भी लिया है। इससे ट्रेडिंग, मैन्युफैक्चरिंग या डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल और वर्किंग कैपिटल पर निर्भर कामकाज का संकेत मिलता है।

लेखक: IPO Milega Research · प्रकाशित · अपडेट

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हमारा स्कोर
5.8/10मिला-जुला

रेवेन्यू और मुनाफा, दोनों पॉजिटिव हैं। FY2025 में रेवेन्यू 318.5162 crore INR और PAT 23.6359 crore INR रहा। कारोबार मुनाफे में है, लेकिन इसमें काफी पूंजी लगती है। कर्ज़ का स्तर मध्यम है, लिक्विडिटी कम है और कामकाज में वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत ज़्यादा है।

लिस्टिंग गेन
-2.27%
₹215 पर लिस्ट
सब्सक्राइब्ड
1.71x
अब तक कुल
रिटेल चांस
60%
1.7 में 1

GMP अनौपचारिक ग्रे मार्केट संकेत है। GMP अपडेट 11 Oct, 18:05 IST.

प्राइस बैंड
₹208-220
लॉट साइज़
68 शेयर
न्यूनतम निवेश
₹14,960
इश्यू साइज़
178 Cr.
इश्यू टाइमलाइन
  1. ओपन30 Sept 2026
  2. क्लोज़5 Oct 2026
  3. अलॉटमेंट6 Oct 2026
  4. लिस्टिंग8 Oct 2026

ओवरव्यू

आपके चांस

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कैटेगरी के हिसाब से सब्सक्रिप्शन
1.71x अब तक कुल
QIB
1.27x
S-HNI
2x
B-HNI
1.71x
रिटेल
1.67x
GMP से अनुमानित लिस्टिंग (अनौपचारिक)

₹255 (+15.91%)

GMP ट्रेंड

अनौपचारिक ग्रे मार्केट भाव, समय IST में

पैसा कहां जाता है

कंपनी को
₹145 Cr
नया इश्यू
बेचने वाले शेयरहोल्डरों को
₹33 Cr
ऑफर फॉर सेल
  • कंपनी की वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए फंडिंग₹75 Cr41%
  • टर्म लोन का आंशिक या पूरा रीपेमेंट और/या प्री-पेमेंट₹19 Cr10%
  • सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्य₹34.29 Cr19%
  • इश्यू खर्च₹20.5 Cr11%
  • ऑफर फॉर सेल: बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है₹33 Cr18%

बाहरी रिंग: अनुमानित फायदा

स्कोर कैसे जुड़ता है

कुल स्कोर इन पांच का औसत है, बोली बंद होने के बाद QIB डिमांड से थोड़ा बदलता है।

  • फाइनेंशियल6.0
  • परफॉर्मेंस7.0
  • फ्लेक्सिबिलिटी5.0
  • टाइमिंग6.0
  • रिस्क5.0
अनुमानित फायदा (सिर्फ फंडामेंटल्स)
+3%

GMP से लिस्टिंग में करीब 2.73% की सीमित बढ़त का संकेत मिलता है। अन्य पहलुओं को मिलाकर देखें तो निकट अवधि में री-रेटिंग की संभावना भी सीमित है: FY2025 में मुनाफे और मार्जिन में तेज़ सुधार हुआ, लेकिन सरकारी संस्थाओं से रेवेन्यू पर निर्भरता, कर्ज़, वर्किंग कैपिटल का दबाव और मुकदमों का जोखिम इसके फायदे कम करते हैं। कुल मिलाकर, यह IPO बड़ी उछाल के बजाय थोड़े प्रीमियम पर लिस्टिंग जैसा लगता है।

मज़बूती5

  • FY2024 के ₹344.56 lakhs से बढ़कर FY2025 में PAT तेज़ी से ₹2,363.59 lakhs हुआ।
  • FY2023 के 8.76% से बढ़कर FY2025 में EBITDA मार्जिन 14.59% हुआ।
  • FY2023 के 9.01% और FY2024 के 9.37% से बढ़कर FY2025 में ROE 47.21% हुआ।
  • FY2024 के ₹19.25 और FY2023 के ₹17.45 से बढ़कर FY2025 में प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू ₹30.87 हुई।
  • FY2024 के 2.38 और FY2023 के 2.35 से घटकर FY2025 में कर्ज़-इक्विटी अनुपात 1.43 हुआ।

चिंताएं5

  • ऑपरेटिंग रेवेन्यू का 38.76%–58.54% सरकारी प्राधिकरणों/संस्थाओं से आया, जिससे कंपनी की नीतियों, बजट और टेंडर से जुड़े जोखिमों पर निर्भरता बढ़ती है।
  • केंद्र/राज्य की नीतियों या टेंडर के लिए पहले से तय पात्रता मानदंडों में बदलाव से बोली जीतने की संभावना, रेवेन्यू, कैश फ्लो और फाइनेंसिंग तक पहुंच घट सकती है।
  • कई सिक्योर्ड लोन, कैश-क्रेडिट लाइन और गारंटी से कर्ज़, भुगतान और रीफाइनेंसिंग का दबाव बढ़ता है। मांग पर वापस ली जा सकने वाली सुविधाओं की समीक्षा भी हो सकती है।
  • लोन की शर्तें कर्ज़ लेने, विस्तार, पुनर्गठन, नियंत्रण में बदलाव और संपत्तियों को गिरवी रखने पर पाबंदी लगाती हैं। डिफॉल्ट होने पर कर्ज़ तुरंत चुकाने की मांग, सिक्योरिटी लागू करने और प्रबंधन में दखल की नौबत आ सकती है।
  • कंपनी और प्रमोटरों से जुड़े लंबित मामलों में आपराधिक, टैक्स और सिविल मुकदमे शामिल हैं, जिनसे संभावित देनदारियां और साख को नुकसान का जोखिम है।

शेयर किसे मिलते हैं

कोटा का बंटवारा
  • QIB50%
  • NII15%
  • रिटेल35%
आवेदन का साइज़
  • रिटेल न्यूनतम14,960
    1 लॉट, 68 शेयर
  • रिटेल अधिकतम1,94,480
    13 लॉट, 884 शेयर
  • S-HNI न्यूनतम2,09,440
    14 लॉट, 952 शेयर
  • S-HNI अधिकतम9,87,360
    66 लॉट, 4488 शेयर
  • B-HNI न्यूनतम10,02,320
    67 लॉट, 4556 शेयर

टाइमिंग

6.0/10

रणनीतिक तौर पर IPO का मकसद बेहतर मुनाफे की दृश्यता और बैलेंस शीट के विस्तार के दौर का फायदा उठाना लगता है। फिर भी, कंपनी पर काफी कर्ज़ है, मौजूदा देनदारियां बड़ी हैं और वर्किंग कैपिटल की ज़रूरतों के बाद नकदी बनाना मुश्किल है। माहौल मददगार है, लेकिन आदर्श नहीं। कुल मिलाकर समय ठीक है, असाधारण नहीं।

बाज़ार में आने का समय
कंपनी के मुनाफे और ऑपरेटिंग कैश फ्लो में अच्छी रिकवरी दिखी है, जिससे अब बाजार में उतरने का आधार मिलता है। साथ ही, कारोबार पर अब भी कर्ज़ और इन्वेंटरी/रिसीवेबल्स के लिए फंडिंग की बड़ी ज़रूरत का बोझ है। इसलिए पूंजी जुटाने और बैलेंस शीट मज़बूत करने के लिए ऑफर समय पर लगता है, लेकिन कंपनी की वित्तीय संरचना अब भी बाधा है।
अलॉटमेंट कैसे होता है
अलॉटमेंट का आधार तय हो गया और शेयर डीमैट खाते में जमा कर दिए गए
बाज़ार का माहौल
सामान्य
बाज़ार में आने का समय
6.0
कहां लिस्ट होगा
BSE, NSE

अहम पड़ाव

  1. 30 Sept 2026IPO खुलने की तारीख
  2. 5 Oct 2026IPO बंद होने की तारीख
  3. 6 Oct 2026अलॉटमेंट का आधार
  4. 7 Oct 2026रिफंड शुरू
  5. 7 Oct 2026डीमैट खाते में शेयर जमा
  6. 8 Oct 2026लिस्टिंग की तारीख

फाइनेंशियल

6.0/10
अवधि समाप्त 2026
बदलाव बनाम 2025
रेवेन्यू
₹344 Cr
+5.9%
टैक्स के बाद मुनाफा
₹24.98 Cr
+5.7%
नेट मार्जिन
7.3%
-0.0 पॉइंट
एसेट्स
₹335 Cr
+12.9%
रिटर्न ऑन इक्विटी
38.4%
डेट टू इक्विटी
1.22
करंट रेशियो
1.08x
रेवेन्यू CAGR
9.26%
ROCE
28.02%
रिटर्न ऑन नेट वर्थ
33.87%
NAV प्रति शेयर (₹)
43.61
प्राइस टू बुक
5.04

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस ट्रेंड

रकम ₹ करोड़ में

रेवेन्यू और मुनाफा, दोनों पॉजिटिव हैं। FY2025 में रेवेन्यू 318.5162 crore INR और PAT 23.6359 crore INR रहा। कारोबार मुनाफे में है, लेकिन इसमें काफी पूंजी लगती है। कर्ज़ का स्तर मध्यम है, लिक्विडिटी कम है और कामकाज में वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत ज़्यादा है।

कंपनी पर कर्ज
₹85.38 Cr

कुल उधारी मध्यम से ज़्यादा है और इसमें ₹85.38 Cr का गैर-मौजूदा और मौजूदा कर्ज़ शामिल है। दिए गए ऑफर विवरण में IPO की रकम से कर्ज़ चुकाने की बात नहीं है, इसलिए उधारी बैलेंस शीट पर बनी रह सकती है। कर्ज़ और वर्किंग कैपिटल पर निर्भरता के चलते यह एक अहम जोखिम है।

कौन बेच रहा है, और क्यों
नया इश्यू 81%
₹145 Cr
OFS 19%
₹33 Cr

नया इश्यू कंपनी को जाता है। OFS बेचने वाले शेयरहोल्डरों को जाता है।

प्रमोटर बेच रहे हैं

Vaman Prestressing Company Private Limited OFS में 15,00,000 इक्विटी शेयर तक बेच रही है।

नए इश्यू से मिली रकम कंपनी के बताए गए इश्यू उद्देश्यों के लिए है। OFS मौजूदा शेयरधारकों के शेयर बेचकर बाहर निकलने या नकदी हासिल करने का तरीका है और इससे कंपनी को कोई रकम नहीं मिलेगी। दिए गए टेक्स्ट में कर्ज़ चुकाने का ज़िक्र नहीं है।

रिस्क

5.0/10

इस स्कोर को सेफ्टी रेटिंग की तरह पढ़ें: 10/10 का मतलब सबसे कम रिस्क, 1/10 सबसे ज़्यादा।

रिस्क कहां हैं

  • फाइनेंशियल रिस्क3
  • मार्केट रिस्क2
  • ऑपरेशनल रिस्क3
  • रेगुलेटरी रिस्क3

मध्यम जोखिम: सरकारी संस्थाओं से रेवेन्यू पर निर्भरता, काफी सिक्योर्ड उधारी और कर्ज़ की शर्तों पर पाबंदियां, साथ ही कई लंबित मुकदमे और संभावित देनदारियां, कमाई, लिक्विडिटी और काम पूरा करने की क्षमता को लेकर अनिश्चितता पैदा करती हैं।

कंपनी इनसे कैसे निपटती है

ऑफर के लिए कर्ज़दाताओं की सहमति ली गई थी। पहले कर्ज़ चुकाने में डिफॉल्ट की कोई जानकारी नहीं है और बताई गई कानूनी/नियामकीय कार्यवाहियां सीमित और रकम के लिहाज़ से स्पष्ट लगती हैं।

फाइनेंशियल रिस्क3

  • कई सिक्योर्ड लोन, कैश-क्रेडिट सुविधाएं और गारंटी कर्ज़ और भुगतान का दबाव बढ़ाती हैं।
  • अनसिक्योर्ड, शेयरधारक और संबंधित पक्षों से लिए गए लोन मांग पर चुकाने होते हैं, जिससे लिक्विडिटी का जोखिम है।
  • समय से पहले भुगतान और फोरक्लोज़र शुल्क रीफाइनेंसिंग की लागत बढ़ा सकते हैं।

मार्केट रिस्क2

  • PSC स्लीपर रेवेन्यू के लिए सरकारी प्राधिकरणों/संस्थाओं पर ज़्यादा निर्भरता।
  • नीति, बजट या टेंडर मानदंडों में प्रतिकूल बदलाव से ऑर्डर और मार्जिन घट सकते हैं।

ऑपरेशनल रिस्क3

  • कर्ज़ की शर्तों पर पाबंदियां विस्तार, विविधीकरण, पुनर्गठन और अतिरिक्त कर्ज़ लेने की गुंजाइश कम करती हैं।
  • डिफॉल्ट होने पर सुविधा बंद हो सकती है, संपत्ति जब्त हो सकती है, प्रबंधन का पुनर्गठन हो सकता है और कर्ज़ तुरंत चुकाने की मांग की जा सकती है।
  • संपत्तियों और वर्किंग कैपिटल पर सिक्योरिटी होने से कामकाज का लचीलापन कम होता है।

रेगुलेटरी रिस्क3

  • कंपनी और प्रमोटरों से जुड़े लंबित आपराधिक, टैक्स और सिविल मुकदमे।
  • कानून, अदालत या मध्यस्थता के संभावित नतीजों से देनदारियां बन सकती हैं या कामकाज बाधित हो सकता है।
  • फिलहाल SEBI/स्टॉक एक्सचेंज की किसी कार्रवाई का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन मुकदमेबाजी नियामकीय जोखिम बनी हुई है।

परफॉर्मेंस

7.0/10

कंपनी के मुनाफे और मार्जिन में सुधार हुआ है। FY2024 की गिरावट के बाद रेवेन्यू में रिकवरी आई और FY2025 में PAT और ROE में तेज़ बढ़ोतरी हुई। सर्विसेज सेगमेंट में कामकाज बेहतर दिखता है, जबकि मुख्य स्लीपर/मैन्युफैक्चरिंग कारोबार एक बड़े रेलवे खरीदार के टेंडर, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और नीतियों से जुड़ी मांग के जोखिम में है।

पुरानी ग्रोथ
FY2023 में रेवेन्यू ₹26,664.18 lakhs, FY2024 में ₹24,288.20 lakhs और FY2025 में ₹31,851.62 lakhs रहा। PAT ₹301.32 lakhs से बढ़कर ₹344.56 lakhs और फिर ₹2,363.59 lakhs हुआ। 30 सितंबर 2025 को खत्म छह महीनों में रेवेन्यू ₹13,524.27 lakhs और PAT ₹841.07 lakhs रहा। EBITDA मार्जिन FY2023 के 8.76% से बढ़कर FY2024 में 9.53% और FY2025 में 14.59% हुआ। सबसे हालिया छह महीनों में यह 16.03% रहा।, FY2023 से FY2025 के बीच रेवेन्यू CAGR 9.30% और PAT CAGR 180.07% रहा। FY2025 में मार्जिन बढ़ने से ऑपरेटिंग लेवरेज बेहतर होने का संकेत मिलता है।
बाज़ार से तुलना
दूसरी कंपनियों के मुकाबले रेलवे स्लीपर कारोबार में अलग पहचान बनाना मुश्किल है। यह बाजार एक बड़े खरीदार और टेंडर पर निर्भर है, जहां ब्रांडिंग से ज्यादा कीमत, भरोसेमंद सप्लाई और प्लांट की नज़दीकी मायने रखती है। RDSO की मंजूरी और पूंजी की ज़रूरत प्रवेश की बाधाएं हैं। इस आधार पर कंपनी का कामकाज बेहतर दिखता है, लेकिन वह कड़ी प्रतिस्पर्धा, खरीद में एकाग्रता या कमोडिटी लागत में उतार-चढ़ाव से सुरक्षित नहीं है। विंड/PSP से जुड़े फैब्रिकेशन और EPC/सेवाओं में कारोबार को दूसरे इन्फ्रास्ट्रक्चर खिलाड़ियों जैसे नीतिगत, फाइनेंसिंग और काम पूरा करने के जोखिम हैं।
भविष्य की संभावना
सकारात्मक, लेकिन चक्रीय; ग्रोथ रेलवे के कैपेक्स, PSP/फैब्रिकेशन के अवसरों और ज्यादा मार्जिन वाले सर्विसेज सेगमेंट को बढ़ाने पर निर्भर है।
ऑपरेशनल निरंतरता
कंपनी ने केवल तीन साल के वार्षिक नतीजे पेश किए हैं। इनमें मुनाफे और कर्ज़ के अनुपात में सुधार दिखता है, लेकिन लंबे समय के कई सालों का स्थिरता रिकॉर्ड नहीं है। हालिया मार्जिन में बढ़ोतरी और बेहतर कामकाज का सहारा है, लेकिन कारोबार का एकाग्र होना, टेंडर पर निर्भरता और संबंधित पक्षों से जुड़ाव नतीजों की स्थिरता पर भरोसा सीमित करते हैं।
मैनेजमेंट की क्वालिटी
6.0/10
अनुभव
प्रमोटर-नेतृत्व वाला संचालन, जिसमें संबंधित पक्षों का सक्रिय नेटवर्क है। टेक्स्ट में ग्रुप कंपनियों और परिवार/KMP की लेन-देन और सैलरी में भागीदारी का बड़ा नेटवर्क दिखता है।
ट्रैक रिकॉर्ड
FY2025 में रेवेन्यू बढ़ने, मुनाफे में काफी सुधार और कर्ज़ घटने से कामकाज बेहतर हुआ है। हालांकि, रेवेन्यू में उतार-चढ़ाव और संबंधित पक्षों के साथ काफी लेन-देन को देखते हुए सावधानी ज़रूरी है।

अहम उपलब्धियां

  1. 01FY2024 के ₹344.56 lakhs से बढ़कर FY2025 में PAT तेज़ी से ₹2,363.59 lakhs हुआ।
  2. 02FY2023 के 8.76% से बढ़कर FY2025 में EBITDA मार्जिन 14.59% हुआ।
  3. 03FY2023 के 9.01% और FY2024 के 9.37% से बढ़कर FY2025 में ROE 47.21% हुआ।
  4. 04FY2024 के ₹19.25 और FY2023 के ₹17.45 से बढ़कर FY2025 में प्रति शेयर नेट एसेट वैल्यू ₹30.87 हुई।
  5. 05FY2024 के 2.38 और FY2023 के 2.35 से घटकर FY2025 में कर्ज़-इक्विटी अनुपात 1.43 हुआ।
  6. 06मैनेजमेंट ने सर्विसेज वर्टिकल को रेवेन्यू और मार्जिन बढ़ाने का अहम जरिया बताया है।

फ्लेक्सिबिलिटी

5.0/10
बाज़ार के हिसाब से ढलना
5.0/10

बाजार के हिसाब से कंपनी की ढलने की क्षमता मिली-जुली है। यह रेलवे, पाइपलाइन, सिंचाई, रिन्यूएबल एनर्जी और सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर में काम करती है और इसके उत्पाद/सेवाएं अलग-अलग प्रोजेक्ट में इस्तेमाल हो सकती हैं। लेकिन मांग का बड़ा हिस्सा टेंडर के जरिए होने वाली सरकारी खरीद, रेलवे के कैपेक्स और नीतियों से जुड़े सेक्टरों पर निर्भर है, जिससे तेजी से दूसरे बाजारों में जाना मुश्किल होता है।

फाइनेंशियल स्थिरता
4.0/10

वित्तीय लचीलापन मध्यम से कमज़ोर है। 30 सितंबर 2025 तक कर्ज़-इक्विटी अनुपात 1.22x था। कंपनी वर्किंग कैपिटल के लिए ₹6,500 lakh और टर्म लोन चुकाने के लिए ₹2,000 lakh जुटाना चाहती है, जो फंडिंग के दबाव का संकेत है। वर्किंग कैपिटल की ज़रूरत काफी है और इन्वेंटरी व रिसीवेबल्स में नकदी फंसती है, हालांकि Fiscal 2025 में EBITDA और PAT, Fiscal 2024 के मुकाबले बेहतर हुए।

ऑपरेशनल चुस्ती
6.0/10

कामकाज के स्तर पर कंपनी की फुर्ती ठीक है। इसके अलग-अलग राज्यों में कई यूनिट हैं, साइट पर फैब्रिकेशन की क्षमता और ISO सर्टिफिकेशन हैं, और इसने अलग-अलग जगहों और सेक्टरों में प्रोजेक्ट पूरे किए हैं। कंपनी का कहना है कि ग्राहकों के करीब होने से लॉजिस्टिक्स बेहतर होता है और वह अलग तरह के प्रोजेक्ट संभाल सकती है। हालांकि, काम पूरा होना अब भी प्रोजेक्ट चक्र और मंजूरियों पर निर्भर है।

कंपनी में लचीलापन और बदलाव के मुताबिक ढलने की क्षमता मध्यम है। यह PSC स्लीपर, MS पाइप, प्रीकास्ट उत्पाद, हाइड्रो-मैकेनिकल काम, विंडमिल से बिजली, स्क्रैप बिक्री और लीजिंग जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कई क्षेत्रों में काम करती है, जिससे कुछ विविधता मिलती है। हालांकि, वर्किंग कैपिटल की ज़्यादा ज़रूरत, कर्ज़, Indian Railways और कुछ बड़े ग्राहकों पर भारी निर्भरता और सेक्टर से जुड़े मंजूरी/टेंडर नियम इसके लचीलेपन को सीमित करते हैं।

प्रोडक्ट डाइवर्सिफिकेशन
इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में विविधता मध्यम से ज़्यादा है: PSC स्लीपर, प्रीकास्ट एलिमेंट, MS पाइप, MS लाइनर, पेनस्टॉक पाइप, नॉइज़ बैरियर, केबल डक्ट, हाइड्रो-मैकेनिकल उपकरण, विंड पावर उत्पादन, स्क्रैप बिक्री और लीजिंग। हालांकि, मुख्य रेवेन्यू अब भी स्लीपर मैन्युफैक्चरिंग और निजी जॉब वर्क से आता है।
भविष्य के हिसाब से ढलना
मध्यम। कंपनी को रेलवे से बाहर के इन्फ्रास्ट्रक्चर, पाइपलाइन, पानी और रिन्यूएबल प्रोजेक्टों में विविधता से फायदा हो सकता है। इसे मैन्युफैक्चरिंग बेस और काम पूरा करने का अनुभव मददगार हो सकता है। ग्राहकों पर निर्भरता घटाने, बैलेंस शीट मज़बूत करने और कई क्षेत्रों में काम को ज्यादा संतुलित रेवेन्यू में बदलने पर इसकी ढलने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

Vishal Nirmiti IPO पर ताज़ा

इस पेज का डेटा IPO Milega रिसर्च टीम ने मैन्युअल रूप से जांचा है। यह निवेश सलाह नहीं है, और किसी भी निवेश फैसले से हुए नुकसान की जिम्मेदारी IPO Milega नहीं लेता। सिक्योरिटीज़ मार्केट में निवेश बाज़ार जोखिम के अधीन है। निवेश से पहले पूरे प्रॉस्पेक्टस समेत सभी संबंधित दस्तावेज़ ध्यान से पढ़ें।